पिछले दिनों घट्ट नालवा में छठी कक्षा के एक छात्र के आदमखोर तेंदुए के शिकार हो जाने के बाद हर तरफ से वाइल्ड लाइफ विभाग पर दबाव पड़ा। विधानसभा में भी यह मुद्दा उठा। आखिर विभाग ने आदमखोर तेंदुए को मारने के आदेश जारी कर दिया। इस बीच तेंदुआ अपने बच्चों के साथ वन विभाग के कैंपस में भी लगातार दस्तक दे रहा है।
जिला मुख्यालय के बीच स्थित वन विभाग के कार्यालय में रविवार की रात को दो शावकों के साथ तेंदुए को घूमता देखा गया। इससे पहले शनिवार की रात भी तेंदुए यहां आए थे। प्रत्यक्षदर्शी खुद वन विभाग के चिनाब सरकल के कंजरवेटर तेज बहादुर सिंह हैं।
सोमवार की सुबह उन्होंने अपने विभागीय सरकारी आवास के प्रांगण में तेंदुए के पैर के निशान दिखाते हुए कहा कि यहां दो रात से तेंदुए घूम रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आम तौर पर तेंदुए इंसान पर हमला नहीं करते हैं। जब उन्हें खुद पर खतरा महसूस होता है तो हमला करते हैं।
यह भी कहा कि इन दिनों ऊपरी क्षेत्र में पहाड़ों पर बर्फ गिरी है। इसलिए तेंदुए नीचे मैदानी क्षेत्र का रुख कर रहे हैं। उसे काबू करने के लिए बंदूक मांग ली है। जाल भी मांगा गया है। तेंदुए और उसके शावक को बंदूक से बेहोश कर पकड़ा जाएगा।