जिले के दर्शपोरा गांव में वीरवार को ट्रांसफार्मर बदलते समय एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। काम करते समय बिजली आपूर्ति बहाल हो जाने से गुस्साए लोगों ने विभाग के खिलाफ हाईवे जामकर हंगामा शुरू कर दिया। रात आठ बजे मुश्किल से प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को शांत कर यातायात बहाल करवाया।
जानकारी के मुताबिक वीरवार की दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे दर्शपोरा इलाके में एक खराब ट्रांसफार्मर को बदला जा रहा था। इस दौरान अचानक से बिजली की सप्लाई बहाल हो गई और पोल पर चढ़ा लाइनमैन मो. सलीम निवासी चरील ऊपर चिपका ही रह गया। कुछ ही पल में उसकी बुरी तरह से झुलसकर मौत हो गई। उसके बाद विभाग के कर्मचारियों ने बिजली कटवाई और शव को नीचे उतारा।
इस घटना की जानकारी मिलते ही इलाके के लोगाें का गुस्सा भड़क उठा। घटनास्थल पर लोगों का जमावड़ा लग गया। आसपास के ग्रामीण बाद में शव को उठाकर जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर ले आए और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी ने सवाल उठाया कि काम करते समय आखिर किस तरह से बिजली बहाल हो गई। इसकी जांच कर तुरंत दोषी पर सख्त से सख्त कार्रवाई और हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
मृतक के परिवार वालों को उचित मुआवजा देने की भी मांग लोग करने लगे। मौके पर पहुंचे एसडीपीओ बनिहाल मो. रफीक और एसएचओ बनिहाल, तहसीलदार अन्य अधिकारी लोगों को मनाने का प्रयास किए। लेकिन ग्रामीण पीडीडी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर और डीसी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। उसके बाद एडीसी बाबू राम और पडीडी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हबीब चौधरी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई करने और मुआवजा देने का आश्वासन दिया। रात करीब आठ बजे शव को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल किया जा सका।