कुक बोले- प्रतिदिन दिहाड़ी मात्र 30 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। चिनैनी शिक्षा जोन के तहत मिड-डे मील बनाने वाले कुक काम छोड़ हड़ताल पर हैं। इससे स्कूलों में बच्चों के लिए खाना नहीं बनने से बच्चों के लिए परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
मिड-डे मील कुक का कहना है कि एक तो उनकी दिहाड़ी प्रतिदिन 30 रुपये है, साथ ही उन्हें मिलने वाला वेतन भी समय पर नहीं मिलता, अभी भी उनका बकाया बाकी है। कुक महिला नीलम देवी, निशा कुमारी और रानी देवी ने कहा कि वह पिछले कई सालों से मिड-डे मील बना रही हैं। पूरा दिन स्कूल में ही कार्य करती हैं, लेकिन उन्हें प्रतिदिन की दिहाड़ी 30 रुपये ही मिलती है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही वेतन भी समय पर मिलना चाहिए, अभी भी उनका बकाया बाकी है। उन्होंने कहा कि वह 3 जून से काम छोड़ हड़ताल पर हैं और उनकी मांगों को जल्द से जल्द हल किया जाए।
कोट
कुछ स्कूलों में मिड-डे मील का खाना वहां के शिक्षक किसी के सहयोग से बनवाते हैं। कई स्कूलों में पानी की भी समस्या है और जल शक्ति विभाग से भी संपर्क किया गया है। उम्मीद है कि पानी की समस्या जल्द होगी। वहीं, मिड-डे मील के कुक 3 जून से हड़ताल पर हैं, उन्हें वापस काम पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुलदीप सिंह, जेडईपीओ