प्रदेशभर से 4500 पेंशनरों को पेंशन का भुगतान नहीं हो पाया है।
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जिले में हो रही भ्रूण हत्या के विरोध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पुतला फूंककर शनिवार को प्रदर्शन किया गया। जन संघर्ष संस्था ने आरोप लगाया कि सीएमओ डा. चंद्र प्रकाश के शह पर ही शहर में चल रहे अवैध चिकित्सा प्रतिष्ठानों में भ्रूण हत्या जैसे अपराध किए जा रहे हैं।
संस्था के संजीत कुमार बवोरिया ने कहा कि पिछले दिनों सीएमओ द्वारा आरटीआई के तहत दी गई जानकारी से साफ है कि उधमपुर में हर दिन दो भ्रूणों की हत्या हो रही है। लेकिन अब वह पत्रकार वार्ता कर आरटीआई के तहत दी गई जानकारी को गलत बता रहे हैं। इससे संस्था के सदस्यों में रोष व्याप्त हो गया।
बवोरिया साफ कहा कि आरटीआई में दी जानकारी का साक्ष्य है। लगातार हो रही भ्रूणों की हत्या के कारण ही जिले में लड़कियों की संख्या कम होती जा रही है। यह भी जानकारी दी गई थी कि शहर में 6 अवैध नर्सिंग होम, 20 प्रयोगशालाएं, 4 एक्स-रे क्लीनिक और एक फिजियोथैरेपी सेंटर अवैध तरीके से चल रहे हैं। जबकि सीएमओ अपनी ही दी गई जानकारी को दूसरे दिन प्रेस वार्ता कर झुठला दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सीएमओ शहर में दिसंबर 2009 से तैनात हैं। आरटीआई के मुताबिक वर्ष 1977 से लेकर दिसंबर 2015 तक जिला अस्पताल में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के पद पर सबसे ज्यादा देर तक रहने वाले डॉ. चंद्र प्रकाश को ही सीधा सीएमओ बनाकर उधमपुर में ही तैनात कर दिया गया।
जिस दिन से उन्होंने सीएमओ का कार्यभार संभाला है, तब से वह आए दिन झूठी, आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां कर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। जन संघर्ष संस्था ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि सीएमओ को तुरंत बर्खास्त करें, अन्यथा उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर सरपंच जय कुमार शाम लाल, रौशन सिंह, बशीम मीर आदि मौजूद थे।