उधमपुर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को रामनगर बस दुर्घटना में घायल लोगों का हालचाल जाना। उधमपुर जीएमसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने हादसे का कारण लापरवाही को बताया। उन्होंने कहा कि घटना की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, उसके बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और गलत दिशा में ड्राइविंग को बड़ी चुनौती बताते हुए सख्त कदम उठाने की बात कही।
बता दें कि रामनगर में एक बस के खाई में गिरने से 21 लोगों की मौत और 51 घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात कर बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में बस ऑपरेटर की चूक सामने आई है और रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल वित्तीय सहायता की घोषणा की। प्रत्येक मृतक के आश्रित को दो लाख, गंभीर घायलों को एक लाख और मामूली चोटों पर 25,000 रुपये की राहत मिलेगी। इसके अलावा सड़क दुर्घटना पीड़ित निधि के तहत भी एक लाख की सहायता मौत होने पर, 75,000 स्थायी विकलांगता, 50,000 गंभीर चोट और 10,000 हल्की चोट के मामलों में दी जाएगी।
आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और उपचार के संभावित समय के बारे में जानकारी प्राप्त की। चिकित्सकीय टीम ने उपचार की प्रक्रिया, सर्जरी और अन्य चिकित्सा हस्तक्षेप के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे पीड़ितों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण जैसी योजनाओं के तहत सभी प्रकार की सहायता प्रदान करें। सीएम के साथ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू और परिवहन मंत्री सतीश शर्मा भी मौजूद थे। इसके अलावा जिला विकास आयुक्त उधमपुर मिंगा शेरपा, परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन, उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी शिव कुमार उपस्थित रहे।