उधमपुर। जिला प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने उधमपुर में नाबालिग लड़की का भविष्य अंधकार में जाने से बचा लिया। उपायुक्त के मार्गदर्शन और जिला समाज कल्याण अधिकारी कनिका गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार को चलाए गए विशेष अभियान के तहत रामनगर तहसील के जोफड़ में होने वाले बाल विवाह को समय रहते रोक दिया गया।
20 फरवरी को चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना मिली थी कि जोफड़ में किशोरी की शादी 24 फरवरी को तय की गई है। दस्तावेजों की जांच में लड़की की आयु मात्र 16 वर्ष मिली। जब बचाव दल किशोरी के घर पहुंचा तो परिजन कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसे लेकर फरार हो गए। प्रशासन ने बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए कड़ी निगरानी रखी और किशोरी को ननिहाल से बरामद किया, जो उसके घर से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित है।
कार्रवाई को चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, स्वास्थ्य विभाग और रामनगर पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। प्रशासन की मुस्तैदी की हर तरफ सराहना हो रही है। बचाई गई नाबालिग को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद परिषा (बाल देखभाल घर) में अस्थायी संरक्षण के लिए भेज दिया गया है।
कुप्रथा के खिलाफ उठाएं आवाज
चाइल्ड लाइन उधमपुर के समन्वयक हरि कृष्ण ने कहा कि जागरूकता के बावजूद ऐसे मामले आना चिंताजनक है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर मिली जानकारी ही किसी मासूम का जीवन बर्बाद होने से बचा सकती है।