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Udhampur News: बाल विवाह रुकवाया, मंडप से किशोरी को ले गई टीम, कठुआ से आई थी बरात

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उधमपुर। बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए टीम ने 14 वर्षीय किशोरी को मंडप से हिरासत में लेकर उसका भविष्य सुरक्षित किया। बरात कठुआ के हीरानगर से आई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन और जिला टास्क फोर्स की टीम ने एमएच रोड क्षेत्र में कार्रवाई की।
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जिला समाज कल्याण विभाग के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना मिली थी कि नाबालिग का विवाह कराया जा रहा है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रक्रिया को रुकवाया और किशोरी को संरक्षण में लिया। हैरानी की बात यह रही कि जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा पहले से जारी की गई सख्त हिदायतों और अभियान के बावजूद बाल विवाह की रस्में निभाई जा रही थीं।

किशाेरी को बचाने के बाद मामले को तत्काल बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति की संस्तुति पर किशोरी को देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाला बच्चा घोषित किया गया। इसके बाद उसकी सुरक्षा, शिक्षा और मानसिक व शारीरिक भलाई को ध्यान में रखते हुए बाल देखभाल गृह में स्थानांतरित कर दिया।
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अधिकारियों ने बताया कि किशोरी की काउंसलिंग की जा रही है और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही मामले में शामिल लोगों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

पूरी कार्रवाई जिला उपायुक्त सलोनी राय और जिला समाज कल्याण अधिकारी कनिका गुप्ता की निगरानी में हुई। प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि बाल विवाह कानूनी अपराध है और इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह या बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन की जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन या पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते बच्चों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सके।

दूरदराज इलाके का रहने वाला है लड़की का परिवार
चाइल्ड हेल्पलाइन उधमपुर के समन्वयक हरि कृष्ण ने बताया कि बच्ची के विवाह के संबंध में शाम को सूचना मिली थी। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में पुलिस, स्वास्थ्य, सीएचएल और जिला समाज कल्याण विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और बच्ची की आयु का सत्यापन कर उसे मंडप से उठाया गया। उन्होंने बताया कि बरात कठुआ के हीरानगर से आई थी जबकि बच्ची का परिवार उधमपुर के एक दूरदराज ग्रामीण इलाके का रहने वाला है, जो उधमपुर में एमएच के पास किराए के मकान में रहता है। बीते साल 15 बाल विवाह रुकवाकर नाबालिग बच्चियों का भविष्य बचाया था। इस साल बाल विवाह रोकथाम का यह पहला मामला है। प्रशासन के सहयोग से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान लगातार जारी है। अगर किसी को बच्चों के अधिकारियों के हनन की जानकारी मिलती है तो तत्काल 1098 पर संपर्क करें।
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