उधमपुर में छठ पूजा करतीं महिलाएं
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सूर्य उपासना का महापर्व छठ की धूम देवक नगरी में देखने को मिली। शाम के समय बिल्लन बावली पर अस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था। बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले लोगों ने डूबते हुए भागवान भास्कर को पकवान और फल अर्पित करते हुए अर्घ्य दिया।
बिहार की लोक आस्था के इस महापर्व से शायद ही कोई शहर अब अछूता रहता हो। उधमपुर में भी कई दिन से इस पर्व के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले लोग तैयारी कर रहे थे। तीन दिवसीय इस त्योहार के दूसरे दिन रविवार की शाम को डूबते हुए सूर्य को नमन करने के लिए लोग बिल्लन बावली पर पहुंचे। इस दौरान कई तरह के पकवान और फलों को डाली (सूप) में लेकर सूर्य भगवान को अर्पित किया जाता है।
आज सोमवार अल सुबह भी बिल्लन बावली भी सभी लोग पहुंचेंगे और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। उसके बाद व्रती महिलाएं घर आकर पारण करेंगी और तीन दिवसीय पर्व का समापन होगा। बता दें कि शनिवार को महिलाओं ने खरना किया था।
बिहार से आकर उधमपुर में रहने वाले जितेंद्र कुमार व विद्या लाल ने बताया कि छठ पूजा तीन दिन दिन तक चलता है। इसकी तैयारी दीपावली के तुरंत बाद से शुरू हो जाती है। महिलाएं घर की सुख-शांति के लिए छठ मैया का व्रत रखती हैं। छठ पूजा करने का संकल्प लेने से लोग बहुत बड़ी मुसीबत और असाध्य कष्टों से मुक्ति पा जाते हैं। कई लोग बैंड बाजों के साथ काफी उत्साह से घाट पर पहुंचते हैं।