जिला रामबन में निजी स्कूलों के परीक्षा परिणामों पर काउंटर साइन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। सीईओ रामबन ने शिक्षा निदेशक के आदेशों को दरकिनार कर नया सर्कुलर निकाल दिया, जिसके तहत स्कूलों के परीक्षा परिणामों को जेडईओ की बजाय सीईओ के काउंटर साइन होंगे। जबकि शिक्षा निदेशक के एक आदेशानुसार मिडिल तक के स्कूलों के परीक्षा परिणामों को जेडईओ द्वारा काउंटर साइन किया जाएगा।
इस आदेश से निजी स्कूल प्रबंधन परेशान है। शिक्षा विभाग द्वारा एक आदेश के तहत निजी मिडिल स्कूलों के परीक्षा परिणामों पर काउंटर साइन करने के लिए क्षेत्र के जेडईओ को पावर दी गई है। रामबन के सीईओ द्वारा जारी नए सर्कुलर के तहत रामबन के निजी मिडिल स्कूलों को परीक्षा परिणामों पर काउंटर साइन के लिए जेडईओ के बजाय सीईओ के पास जाना होगा।
निजी स्कूल एसोसिएशन के सचिव अजय गुप्ता का कहना है कि सीईओ द्वारा जानबूझकर कुछ निजी स्कूल मालिकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सीईओ पर कथित तौर पर काउंटर साइन करने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों द्वारा पैसा दिया जा रहा है उन्हें ही काउंटर साइन मिल रहे हैं, जबकि छोटे स्कूलों को तंग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर किस तरह से एक सीईओ ने निदेशक के आदेशों का उल्लंघन किया।
कुछ लोग गैरकानूनी तरीकों से पांचवीं तक की अनुमति होने के बाद भी सातवीं तक स्कूल चला रहे हैं। ऐसे स्कूलों को पकड़ने के लिए यह आदेश निकाला गया है। निदेशक के आदेश के मुताबिक जेडईओ ही काउंटर साइन कर रहे हैं, पर यह सब उनकी देखरेख में हो रहा है। किसी भी तरह से विभाग के आदेशों का उल्लंघन नहीं किया जा रहा।
-मो. शरीफ चौहान, सीईओ रामबन
सीईओ से इस बारे में पूछा गया है। आदेशों की अवहेलना नहीं की गई है। कुछ स्कूलों की मनमानी रोकने के इरादे से सीईओ द्वारा ऐसा आदेश निकाला गया है। परीक्षा परिणामों पर जेडईओ ही हस्ताक्षर कर रहे हैं, पर पहले सीईओ द्वारा स्कूलों की मान्यता की जांच की जा रही है।
-बबीता रकवाल, स्कूली शिक्षा निदेशक