उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह।
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राज्य में जम्मू और श्रीनगर के बाद उधमपुर एकमात्र ऐसा जिला है, जहां अब लोगों को पासपोर्ट की सुविधा मिलेगी। लोगों को पासपोर्ट के लिए जम्मू के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उधमपुर में पासपोर्ट केंद्र बनाने की प्रेरणा उनको शहीद कैप्टन तुषार की शहादत के बाद मिली। ये बातें रविवार दोपहर को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मुख्य डाक घर में आयोजित डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र के उद्घाटन समारोह में कही।
दोपहर करीब एक बजे डॉ. सिंह ने डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की। आरपीओ जम्मू ने बताया कि कार्यालय में दस मिनट के अंदर शुरुआती तीन चरणों में आवेदन व डाकुमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि 2016 में जब उधमपुर का वीर शहीद कैप्टन तुषार हुआ तो विदेश में रहने वाले तुषार के भाई को देश में लौटने के लिए काफी परेशानियां सामने आई थी। उन्होंने विदेश मंत्री से बात कर इस परेशानी को दूर करवाया। उसी समय महसूस हुआ कि पासपोर्ट और विजा की प्रक्रिया सरल नहीं होने के कारण हर रोज लोग परेशानियों से जूझने को मजबूर रहते हैं।
इसी को सरल बनाने के लिए डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने की योजना तैयार की गई। अब उधमपुर में स्थापित पासपोर्ट सेवा केंद्र से रामबन, रियासी के लोगों को भी लाभ प्राप्त होगा। लोगों को पासपोर्ट की सुविधा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।