सूचना के अधिकार के तहत गैर पंजीकृत निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के बारे में जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण जन संघर्ष संस्था ने सीएमओ का पुतला फूंका। उधमपुर के नगरोटा क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संस्था के प्रधान संजीत कुमार बवोरिया ने कहा कि 28 अप्रैल 2016 को सीएमओ उधमपुर से सूचना के अधिकार के तहत कुछ जानकारी मांगी थी। उसके तहत उन्होंने जानकारी दी कि उधमपुर में चल रहे 45 गैर सरकारी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में से 29 प्रतिष्ठान गैर पंजीकृत है।
जानकारी मुहैया करवाने के बावजूद सीएमओ द्वारा ऐसे स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को बंद करवाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि सीएमओ की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना में यह तथ्य भी सामने आया कि 2010 से 2014 तक कुल 3343 भ्रूणों को खत्म किया गया है।
इसका मतलब है कि रोज जिला में दिन में दो भ्रूणों को खत्म किया जा रहा है। इसकी जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई ठोस कदम उठाने की बजाए आंखें मूंद कर तमाशा देख रहा है। यह कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूर्व और मौजूदा विधायकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर दोनों विधायकों के कार्यकाल में ऐसा हो रहा है तो वह इन सबको रोकने के लिए कुछ करने के बजाए केवल वोटों की राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वह सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन को मजबूर हो जाएंगे। प्रदर्शन में जय कुमार, रोशन सिंह, शाम लाल, वसीम मीर सहित अन्य शामिल थे।