उधमपुर। बजट से व्यापारी वर्ग पूरी तरह से निराश है। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना संकट के दौरान व्यापारियों की कमर पूरी तरह से टूट गई। सभी बजट से बहुत ज्यादा आस लगाए बैठे थे। लेकिन बजट ने उनको किसी तरह की राहत नहीं प्रदान की है। उनको कोरोना संकट से उभरने को अब लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
व्यापारियों ने बजट से बहुत ज्यादा आस लगाई थी। बजट में लग रहा था कि सरकार की तरफ से व्यापारी वर्ग को राहत प्रदान करने के लिए कोई एलान किया जाएगा। लेकिन बजट से व्यापारियों को कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। सरकार ने किसी तरह से भी टैक्स में छूट नहीं दी है, जोकि व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी पैदा करेगा।
-जितेंद्र वरमानी
कोरोना संकट में व्यापारियों ने बहुत ज्यादा नुकसान झेला है। इस नुकसान से बाहर निकलने का एकमात्र सहारा सरकारी राहत थी। सबने उम्मीद लगाई थी कि सरकार कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए कोई विशेष पैकेज का एलान करेगी। लेकिन सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया है। बजट में व्यापारियों को पूरी तरह से नजर अंदाज कर दिया गया है।
-नवीन कुमार
व्यापारियों ने लाखों का कर्ज लेकर व्यापार शुरू किया है। कोरोना संकट के कारण व्यापारियों के लिए कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों को लग रहा था कि सरकार की तरफ से कर्ज को लेकर कुछ राहत प्रदान की जाएगी, लेकिन राहत मिलना तो दूर इसका जिक्र भी नहीं किया गया है। सरकार का बजट किसी तरह से भी व्यापारियों के हक में नहीं है।
-विजय कुमार
कोरोना संकट के दौरान व्यापारी वर्ग ने काम बंद होने के बावजूद लोगों की सहायता के लिए सरकार व प्रशासन के साथ मिलकर काम किया। इसके बावजूद बजट में सरकार की तरफ से व्यापारियों के बारे में कुछ नहीं सोचा गया। बजट से व्यापारी वर्ग पूरी तरह से मायूस हो गया है। इस बजट में व्यापारियों के लिए कुछ नहीं है।
-जितेंद्र कुमार