अपनी मांगों के समर्थन में बीएसएनएल कर्मचारियों ने बुधवार को दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। दो दिवसीय आंदोलन में कर्मचारियों ने उपकरणों कर संख्या बढ़ाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के अनुसार उपभोक्ताओं को दूरसंचार सेवा सही से नहीं नहीं मिल रही है। सिगनल की समस्या सबसे अधिक है। टावर और उपकरणों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए पहले भी कहा गया, लेकिन इसका निदान अब तक नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई बार विभाग से सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उपकरण खरीदने की मांग की जा चुकी है। कर्मचारियों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी को संबोधित करते हुए सुभाष शर्मा ने आरोप लगाया कि बीएसएनएल का निजीकरण करने की साजिश की जा रही है।
बीएसएनएल कर्मचारियों की समस्याएं बढ़ रही हैं। सरकार को बीएसएनएल की सेवाओं का विस्तार करने के लिए वित्तीय सहायता देने, सहायक कंपनी द्वारा टावर नहीं लगाने निदेशकों के पद भरने, ट्राई की सिफारिश रद्द करने, मजदूर विरोधी नीतियां रद्द करने, बीएसएनएल को मुफ्त स्पेक्ट्रम आवंटित करने, फोर जी सेवाएं शुरू करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।