उधमपुर। जिले में शनिवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। विभिन्न मंदिरों में आश्रमों में विशेष पूजन का आयोजन किया गया और गुरु के जीवन में महत्व पर रोशनी डाली गई। मानव उत्थान सेवा समिति की तरफ से मां राजेश्वरी आश्रम में सत्संग का आयोजन किया गया। कई मंदिरों में पूजन के साथ भंडारों का भी आयोजन किया गया। दिनभर देविकानगरी गुरु की भक्ति में डूबी नजर आई।
मानव उत्थान सेवा समिति की तरफ से मां राजराजेश्वरी आश्रम में सुबह के समय गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। आश्रम प्रभारी महात्मा समता बाई ने कहा कि गुरु पूजा जिसे व्यास पूजा भी कहते हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन सम्पूर्ण सनातन संस्कृति में मनाया जाने वाला सद्गुरु को समर्पित गुरु भक्ति का पावन पर्व है। सद्गुरु मानव चोले में भगवान के प्रत्यक्ष स्वरूप माने जाते हैं, क्योंकि गुरु ही ऐसे दाता हैं जो साधारण मानव को अपनी कृपा शक्ति और दैवी निर्देशों के द्वारा ध्यान योग की विधि सिखाकर ईश्वर दर्शन और सच्ची भक्ति का मार्ग दिखाते हैं।
सच्चे तत्वज्ञानी सदगुरू मानव के इस नश्वर शरीर में भृकुटि के मध्य में विराजमान दिव्य प्रकाश स्वरूप सच्चिदानंद परमात्मा का बोध कराकर मानव की चेतना को बढ़ा देते हैं। जिससे मानव में तीव्र विवेक और आत्मिक सुख का विकास होना प्रारंभ हो जाता है। उन्होंने समझाया कि गुरु के बिना संसार में आज तक किसी को भी ज्ञान नहीं हुआ। सभी शास्त्रों में सदगुरू की महिमा गाई गई है। ब्रह्मा, विष्णु , महेश का समाहित रूप होते हैं सद्गुरु। अंत में भंडारे का आयोजन किया गया।
मेन बाजार स्थित बाबा कालीबीर, शेषनाग मंदिर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह के समय विशेष पूजन का आयोजन किया। पूजन में काफी संख्या में शहरवासियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद भजनों का गायन किया गया। अंत में भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देविका नदी के तट पर स्थित आनंद आश्रम में भी विशेष पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें शिष्यों ने अपने गुरु धनराज गिरी की पूजा की।