उधमपुर। गीता जयंती के उपलक्ष्य में जागृति वृद्धाश्रम में स्कूली बच्चों के सहयोग से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें अतिथियों और छात्र-छात्राओं ने श्रीमद्भागवत गीता के महत्व को समझाया।
इस कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना के साथ की गई। इस अवसर पर संस्कृत में गीता के श्लोक भी सुनाए और भजन भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. जोगेश्वर गुप्ता भी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम के आयोजक हंस राज शास्त्री ने कहा कि गीता जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय विद्या मंदिर स्कूल नैनसू, ब्रह्मऋषि बावरा शांति विद्या पीठ और एओसी हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने मुख्य रूप से भाग लिया। उन्हाेंने बताया कि गीता भारतीय ज्ञान परंपरा का अमर संदेश है। गीता का ज्ञान 700 श्लोक और 18 अध्यायों में शामिल हैं। प्रत्येक श्लोक का विशेष महत्व है। यह भगवान श्रीकृष्ण के मुख से निकला मानव जीवन के लिए परम संदेश है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से जो लोग गीता का अध्ययन नहीं करते हैं, उन्हें भी इसे पढ़ने और इसके विचारों को अपने जीवन में धारण करने का संदेश व प्रेरणा दी जा रही है। वास्तव में जाति-पंथ और संप्रदाय से ऊपर उठकर भगवान से निकली हुई इस कल्याणकारी बाणी का सभी मनुष्यों को अवश्य पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ईश्वर सर्वव्यापी है, जीव अपने ज्ञान के द्वारा ईश्वर को प्राप्त कर इस संसार रूपी भवसागर से पार उतर सकता है। योग में स्थिर होते कर्म करना जीव का परम कर्तव्य है जिसका फल ईश्वर के अधीन है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी के लिए यही संदेश है कि गीता सभी को अवश्य पढ़नी चाहिए। इसका संदेश जीवन की कठिनाइयों में रोशनी की किरण दिखाती है। उन्होंने कहा कि यह सभी भाषाओं में सर्वसुलभ है।