यात्रियों को आधिकारिक दिशा-निर्देशों और एडवाइजरी का पालन करने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर/डोडा। डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद बंद हुए बटोत-डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-244) को बहाली कार्य पूरा होने के बाद बुधवार को एकतरफा यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, राजमार्ग को आंशिक रूप से वाहनों की आवाजाही के योग्य बनाने के लिए रात भर सड़क साफ करने का अभियान चलाया गया। यातायात अधिकारियों ने इस मार्ग का उपयोग करने वाले यात्रियों को आधिकारिक दिशा-निर्देशों और एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।
इस बीच ठाठरी के प्रभावित क्षेत्रों में बहाली और मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है जहां अचानक आई बाढ़ के कारण संपत्ति और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए मलबे के ढेरों के नीचे कई वाहन और दुकानें अभी भी दबी हुई हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों को साफ करने और नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं।
मंगलवार को ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटने से अचानक भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी जिसने कस्बे के कई हिस्सों में तबाही मचाई। इससे सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया और सड़कों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। जिला प्रशासन ने राहत और बहाली के उपाय जारी रखे हैं। वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ से 27 रिहायशी मकान और 35 दुकानें क्षतिग्रस्त
डोडा। जिले के ठाठरी में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद अब राहत और पुनर्वास का काम युद्धस्तर पर जारी है। ठाठरी के एसडीएम शीतल कुमार ने बताया कि किसी की जान तो नहीं गई लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।
बाढ़ से 27 रिहायशी मकान और 35 दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए टीमें तैनात की गई हैं।एसडीएम ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा करने से बचें। बाढ़ के तेज बहाव में पांच गाड़ियां बह गईं हैं।
प्रभावित पांच परिवारों को स्कूल में किया शिफ्ट
प्रशासन ने प्रभावित हुए पांच परिवारों को ठाठरी के बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट किया है। वहां उनके रहने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया है।