उधमपुर। अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द मांगों को पूरा नहीं किया तो पानी बंद कर हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
जलशक्ति इंप्लाइज एंड वर्कर्स एसोसिएशन के बैनर तले जिले के विभिन्न हिस्सों से अस्थायी कर्मचारी कार्यालय परिसर में एकजुट हुए और लंबित मांगों के समर्थन में विभाग और सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सोमनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की सरकार और अधिकारी कई साल से कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उम्मीद थी कि परेशानियों का निदान हो जाएगा, लेकिन कर्मचारियों को आज तक केंद्र शासित प्रदेश के कर्मचारियों वाले लाभ नहीं मिल पाए हैं।
अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए कोई योजना तैयार नहीं बनाई है। 15 वर्ष से अस्थायी कर्मचारी विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। साढ़े पांच वर्ष से सरकार ने अस्थायी कर्मचारियों को वेतन भी नहीं जारी किया है। इस कारण सभी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। सरकार ने महंगाई बढ़ाकर तो आम आदमी की कमर ही तोड़ दी है। अक्तूबर में अस्थायी कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल एक माह चली थी। 11 नवंबर को जलशक्ति इंप्लाइज युनाइटेड फ्रंट ने उपराज्यपाल के साथ बैठक की थी, जिसमें डीडीसी चुनाव के बाद सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला था, लेकिन आज तक स्थिति जस के तस है। चुन-चुन कर कर्मचारियों को वेतन जारी किया जा रहा है। अगर जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में फिर से पानी बंद कर हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर विजय कुमार, सूरज प्रकाश, दिनेश केसर, शमशेर सिंह और करण सिंह आदि मौजूद रहे।