कटड़ा में हुए चॉपर हादसे में सात लोगों की मौत का श्राइन बोर्ड को जिम्मेदार ठहराते हुए जन संघर्ष ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। टायर जलाकर धार रोड को जाम कर दिया।
संस्था के अनुसार 2008 से लेकर अब तक 515 लोगों की मौत कटड़ा में हो चुकी है। इन मौतों को रोकने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड उचित कदम नहीं उठा रहा है।
मंगलवार को जन संघर्ष संस्था के सदस्यों ने संस्था के प्रधान एडवोकेट संजीत कुमार बवोरिया की अध्यक्षता में सलाथिया चौक पर टायर जलाए तथा श्राइन बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बवोरिया ने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान लगातार हादसों में इजाफा होता जा रहा है। गत दिनों श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कटड़ा से संस्था ने एक अप्रैल 2008 से 31 अक्तूबर 2015 तक यात्रा के दौरान विभिन्न कारणों से मारे गए श्रद्धालुओं की संख्या के बारे में सवाल पूछा गया था।
इसमें चार नवंबर को जवाब दिया कि इस समयावधि में 508 लोगों की मौत हो चुकी है। चॉपर हादसे के बाद यह संख्या 515 हो गई है।
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक इस समय श्राइन बोर्ड कटड़ा में 12 मेडिकल आफिसर, चार वरिष्ठ मेडिकल आफिसर, 22 मेडिकल असिस्टेंट, 16 नर्सिंग अर्दली, एक चीफ एक्जीक्यूटिव आफिसर, दो अतिरिक्त एक्जीक्यूटिव आफिसर, चार चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलाकर श्राइन बोर्ड में कुल 2314 लोग काम करते हैं। फिर भी इतनी मौतें हो रही हैं।
इन मामलों की न्यायिक जांचबवोरिया ने हाईकोर्ट या सुप्रीमकोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज से करवाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने सेरली कटड़ा से हेलिकॉप्टर सेवा बंद करने की मांग करते हुए श्राइन बोर्ड के चेयरमैन राज्यपाल एनएन वोहरा और चीफ एक्जीक्यूटिव आफिसर अजीत कुमार साहु को श्राइन बोर्ड से हटाने की भी मांग की।
क्योंकि इससे पहले भी तीन चॉपर हादसे हो चुके हैं। प्रदर्शन में संस्था के पदाधिकारियों में जय कुमार सरपंच, वसीम मीर, सुभाष चंद्र सरपंच, रोशन सिंह, मोहन लाल, राजन, ज्ञान सिंह, नायब सरपंच, कुलदीप सिंह, चैन सिंह, बबी, पूर्णा, अमर चंद, साहिल कलोत्रा आदि शामिल थे।