सरपंच पूर्णचंद ने कहा कि लंबे अर्से से यहां के स्थानीय लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं। इसके निवारण को लेकर कई बार संबंधित विभाग को भी अवगत कराया गया है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
आसपास स्थित प्राकृतिक जलस्रोत भी फैक्ट्रियों से निकलने वाले कचरे के कारण प्रदूषित हो रहे हैं। उनके जानवर भी कारखानों से निकलने वाला कचरा व गंदे पानी के पीने की वजह से बीमार हो रहे हैं। सीमेंट कारखानों से निकलने वाला धुआं, आसपास स्थित लोगों के घरों में बनने वाले खाने में मिलकर प्रदूषित हो रहा है।
जिला प्रशासन से मांग है कि यहां के स्थानीय लोगों की समस्याओं को देखते हुए जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए। इसके अलावा उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू से अपील है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र के बीचोंबीच स्थित इस औद्योगिक क्षेत्र को किसी अन्य जगह पर स्थानांतरित करने की योजना बनाकर लोगों को राहत पहुंचाई जाए।