अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पहले कानून-व्यवस्था के लिए तैनात अर्द्धसैनिक बलों की 52 और कंपनियां रविवार को कश्मीर घाटी से वापस भेज दी गईं। इन्हें जम्मू, सांबा, कठुआ तथा अन्य स्थानों पर ठहराया गया है। जम्मू से स्पेशल ट्रेन से कंपनियों को सोमवार से सिलसिलेबार ढंग से गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा। इन कंपनियों को अब वहीं वापस तैनात किया जाएगा, जहां से हटाकर उन्हें जम्मू-कश्मीर लाया गया था। एक कंपनी में 100 जवान होते हैं, इस तरह 5200 जवानों की घाटी से वापसी हो गई है।
सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी तथा एसएसबी की कंपनियों को वापस भेजा गया है। पुलिस के एक आला अधिकारी ने रविवार को 52 कंपनियों को वापस भेजने की पुष्टि की। बताया, सुरक्षा बलों की कानवाय के मद्देनजर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एकतरफा यातायात बहाल रखा गया था। बावजूद इसके कई गाड़ियां जाम में फंस गईं। देर शाम तक सुरक्षा बलों की कंपनियां अपने-अपने तय स्थानों पर पहुंच गईं।
24 दिसंबर को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पांच अगस्त के बाद बने हालात की समीक्षा की गई थी। बैठक में तत्काल प्रभाव से केंद्रीय सशस्त्र बलों की 72 कंपनियों को घाटी से हटाने का फैसला किया गया था। इसमें सीआरपीएफ की 24, बीएसएफ की 12, आईटीबीपी की 12, सीआईएसएफ की 12 और एसएसबी की 12 कंपनियां शामिल थीं।