दो सगे भाइयों की सड़क हादसे में मौत के बाद भास्कर पीजी कालेज के विद्यार्थियों ने बाईपास पर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतकों की बहन को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। बताया जा रहा है कि मृतकों में से एक भाई अमन शर्मा कालेज का ही छात्र था।
पांच घंटे तक धार रोड बंद रख कर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पुलिस की नाकामियों के कारण ही बस चालक पूरे उधमपुर के हाईवे व बाईपास तक आतंक मचाता रहा।
पुलिस के अनुसार ड्राइवर का पता चल गया है। उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। दरअसल, वीरवार रात को तेज रफ्तार बस की चपेट में जिन दो सगे भाइयों की मौत हो गई, उनमें से एक विनोद ही पूरे परिवार का लालन पोषण करता था।
अब परिवार बेसहारा हो गया। इसके चलते छोटे भाई के सहपाठियों ने जाम कर प्रदर्शन किया और मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा, बहन को सरकारी नौकरी और मां को पेंशन देने की मांग की।
भाई अमन शर्मा भास्कर कॉलेज में बीए प्रथम सेमेस्टर का छात्र था। पिता का पहले ही देहांत हो चुका है। अब परिवार में केवल एक बहन और मां ही बची है। कोई कमाने वाला सदस्य नहीं बचा है।
इसके कारण प्रशासन और सरकार को चाहिए कि मृतकों के आश्रितों को तुरंत मुआवजे के साथ नौकरी और पेंशन दी जाए।
प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही एसीआर राजीव मगोत्रा और तहसीलदार सपना कोतवाल भी मौके पर पहुंच गए और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शनकारी अड़े रहे।
लिखित रूप में दिया आश्वासन
राज्य वित्त एवं सूचना मंत्री पवन कुमार गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को काफी समझाने की कोशिश की। पर कोई नहीं माना। मंत्री ने कहा जिस आधार पर विनोद को पिता की जगह नौकरी मिली थी, उसी आधार पर उनकी बहन मंजू को भी नौकरी दी जा सकती है।
प्रदर्शनकारियों के अड़ने पर मंत्री ने लिखित रूप में मृतक की बहन को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया। सरकार से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का भी वायदा किया।
पूरे कल्लर इलाके में मातम
दोनों भाइयों के शवों को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उनके चाचा, सनेतर के सरपंच योगराज और अन्य अभिभावकोें को सौंप दिया। दोनों भाइयों की मौत पर पूरे कल्लर इलाके में मातम छाया हुआ है।
मां और दोनों बहनों के सामने अमन और विनोद की शवयात्रा निकाली, जिसमें शहरवासियों सहित राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए। देविका घाट पर दोनों को चचेरे भाई राहुल ने मुखाग्नि दी। एक ही चिता पर दोनों का संस्कार किया गया।
बेसुध हो रही थी मां और बहनें
दोनों बेटों की शवयात्रा देखकर उनकी मां शकुंतला बेसुध हो गई। कई बार उसे संभालने का प्रयास किया। बहन अंजू और मंजू भी भाइयों को देखकर दहाड़ें मारने लगी। बहनों का रो-रोकर बुला हाल था। रिश्तेदार महिलाएं उन्हें संभाल रही थी। बेसुध मां और बहनों के लिए मानो उनका संसार ही उजड़ गया था।
ड्राइवर पर हत्या का मामला हो दर्ज
बलवंत सिंह मनकोटिया ने बस की टक्कर से दो सगे भाइयों की मौत का जिम्मेदार बस के चालक को ठहराया और ड्राइवर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते बस को पकड़ा जाता तो दर्दनाक हादसा टल सकता था। लोग पुलिस की इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ यह भी कहा कि देविका घाट पर बनी पानी की टंकी में बिल्कु ल पानी नहीं होता। देविका घाट पर स्थित आरा मशीन पर लोगों को छोटी लकड़ी बिल्कुल नहीं मिलती है।