उधमपुर। जिला अस्पताल के लिए मंजूर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की मशीनरी के उधमपुर पहुंचने को लेकर अब असमंजस की स्थिति बन गई है। प्लांट के उधमपुर पहुंचने की पहले एक जून तिथि निर्धारित की गई थी। इसके बाद करार के अनुसार सात जून तक पहुंचने की बात की गई। लेकिन 14 जून को भी प्लांट की मशीनरी पहुंच नहीं सकी है। प्लांट लगाने वाली एजेंसी मेकेनिकल डिवीजन अब भी एक-दो दिन में मशीनरी उधमपुर पहुंचने पहुंच जाएगी।
35 वेंटिलेटर की सुविधा मिलने के बाद दिसंबर 2020 में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की मंजूरी मिली थी। फरवरी 2021 में इसके लिए राशि जारी कर दी गई । इसको लगाने का काम मैकेनिकल डिविजन को सौंपा गया। कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी होने के बाद मेकेनिकल डिविजन ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में इसका काम शुरू कर दिया। मौजूदा समय में ढांचा तैयार कर दिया गया है। लेकिन अभी तक मशीनरी नहीं लग सकी है। इसको लगाने के लिए हर बार संभावित तारीख का एलान हो रहा है। पहले इसके लिए एक जून निर्धारित किया गया। जब एक जून तक मशीनरी नहीं पहुंची तो इसके पहुंचने की तारीख सात जून निर्धारित कर दी गई। वहीं दूसरी तरफ इसको लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है।
पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया अपने समर्थकों के साथ बार बार आरोप लगा रहे हैं कि उधमपुर के लिए मंजूर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की मशीनरी को कश्मीर स्थानांतरित कर दिया गया है। उधमपुर के लोगों को अभी मशीनरी के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
जिला अस्पताल में अगले कुछ दिनों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लग जाएगा। जर्मनी से कुछ प्लांट भारत पहुंचे हैं और इनमें एक प्लांट उधमपुर का है। इसके उधमपुर पहुंचने का इंतजार है। पहुंचने के सप्ताह तक इसको लगा दिया जाएगा।
- डॉ. विजय रैना, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, जिला अस्पताल
ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के मंगलवार शाम तक उधमपुर पहुंचने की संभावना है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। किसी कारण इसमें देरी हो रही है। ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की पूरी मशीनरी जर्मनी से नहीं आई है। प्लांट में हवा से ऑक्सीजन को अलग करने वाली मशीनरी जर्मनी से आई है। बाकी का सामान दिल्ली से आना है। उम्मीद है कि दो दिन के अंदर जर्मनी की मशीनरी के साथ पूरा सामान उधमपुर पहुंच जाएगा।
- पीडी सिंह, एक्सईएन, मेकेनिकल डिवीजन