डोडा। तहसील गंदोह में 50 करोड़ एक लाख की लागत से तैयार होने वाले अस्पताल का काम तेजी से चल रहा है। इससे ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा की उम्मीदें बढ़ी हैं। खासकर हादसों के शिकार और गर्भवती महिलाओं के उपचार मेें ज्यादा लाभदायक साबित होगा
पहाड़ी मार्ग पर जब भी कोई हादसा होता है, तो घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराने में घंटों लग जाते हैं। इसकी वजह से कई घायल रास्ते में दम तोड़ देते हैं। इसी तरह गर्भवती महिलाओं को भी डोडा अस्पताल पहुंचने से पहले दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद यह सारी दिक्कतें दूर होने की उम्मीद है। इन्हीं को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने तीन मंजिला ट्रामा सेंटर बनवाने का निर्देश जारी किया। इस अस्पताल को 100 बिस्तर, दो चेयर लिफ्ट, आधुनिक चिकित्सा यंत्रों और सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
...नहीं जाना पड़ेगा जम्मू या कश्मीर
नेकां एसटी सेल स्टेट एडवाइजरी बोर्ड सदस्य के चौधरी सलामदीन का कहना था कि अस्पताल के लिए यहां के लोगों की पुरानी मांग थी। इसके शुरू हो जाने के बाद लोगों को अपनी छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए डोडा जम्मू या फिर कश्मीर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था। इन सबसे छुटकारा मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से सर्दी का बड़ा तोहफा
काम मार्च 2013 में शुरू किया गया था, जिसे 2017 तक पूरा किया जाना है। अस्पताल हेलीपैड के पास बनाया जा रहा, ताकि गंभीर मरीज को तुरंत हेलीकाप्टर के जरिये जम्मू या कश्मीर रेफर किया जा सके। स्थानीय निवासी देवेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल इस सर्दी का बड़ा तोहफा है, जो स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से दिया जा रहा है।