फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फंड के इंतजार में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Udhampur
विज्ञापन
विज्ञापन
उधमपुर। जिले के करीब 19 नालों पर तीन साल पहले शुरू हुआ क्रेटवर्क अभी तक लटका हुआ है। यह काम फंड के अभाव में पूरा नहीं हो पा रहा है। इस काम का निरीक्षण करने के लिए दिल्ली से एक टीम भी आई थी। उस टीम को भी फंड की कमी से अवगत करवाया गया था। बहरहाल, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग बाकी फंड रिलीज होने का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के द्वारा 14.95 करोड़ के प्रोजेक्ट पर क्रेटवर्क जारी है। अब तक दस करोड़ रुपये रिलीज हो चुके हैं, जबकि इस राशि से अधिक का काम करवाया जा चुका है। प्रोजेक्ट के मुताबिक 4 करोड़ 95 लाख रुपये का फंड रिलीज नहीं होने से शेष काम अधर में है।
गौरतलब है कि उधमपुर से चिनैनी और रामनगर की सीमा क्षेत्र में बहने वाले नदी-नालों का किनारा हर साल बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त हो जाता है, जिसकी चपेट में कृषि व बागवानी जैसी महत्वपूर्ण भूमि बर्बाद हो जाती है। तवी के अतिरिक्त पहाड़ी नाला, जिसे बीरमा नदी के अलावा छोटे-बडे़ नालों में रामनगर में देविका नाला, नडल नाला, घोरडी नाला, जगानू नाला, चंपल नाला के किनारे बसे गांवों की जमीन को ये नदी और नाले अपनी सीमा में खींचने लगे हैं, जिससे इसके किनारे रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन

58 हेक्टेयर भूमि में से 46 हेक्टेयर सुरक्षित
इस प्रोजेक्ट के तहत जिले के लगभग 98 गांवों और मोडे़ को लाभ पहुंचने की संभावना है, जिसमें से अब तक करीब सौ से अधिक घरों को लाभान्वित किया जा सका है। वहीं, करीब 58.19 हेक्टेयर भूमि का बचाव करने का लक्ष्य विभाग की ओर से निर्धारित है। इस क्रेटवर्क से 46.55 हेक्टर भूमि का बचाव किया जा सका है। वहीं तेज बारिश में तवी और बीरमा नदी के साथ ही पहाड़ी क्षेत्र की दर्जनों छोटे-बडे़ नाले खतरनाक तरीके से उफनाते हैं। इससे जहां बागवानी भूमि को नुकसान पहुंचता है, वहीं इनके किनारे बसे लोगों की कृषि योग्य जमीनों को भी क्षति पहुंचती है।

क्या कहते हैं अधिकारी
तीन साल में 14.95 करोड़ के प्रोजेक्ट पर कार्य जारी हैं। इस प्रोजेक्ट को अगले साल मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। अब तक जारी दस करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। और फंड आते ही युद्ध स्तर पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत ज्यादातर कार्य क्रेटवर्क का है।
विज्ञापन

-अनिल गुप्ता, एईई, बाढ़ नियंत्रण विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें