धर्मनगरी से अर्द्धकुंवारी तक बनाए गए नए मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने की संभावना के विरोध में भवन मार्ग पर काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों का रोष दूसरे दिन भी बरकरार रहा।
इस दौरान यात्रा मार्ग को भी अवरुद्ध करने का प्रयास भी किया गया। यात्रा प्रभावित होने की संभावना के प्रति संजीदगी दिखाते हुए पुलिस ने करीब 500 मजदूरों को एहतियातन गिरफ्तार कर लिया।
ये मजदूर दिनभर पुलिस स्टेशन में हल्ला बोलते रहेे। देर शाम को सभी को रिहा कर दिया गया। बुधवार को मजदूर यूनियन द्वारा की गई घोषणा के अनुसार वीरवार की सुबह से ही भवन मार्ग पर काम करने वाले घोड़े, पिट्ठू और पालकी वाले एकत्रित होने लगे।
श्राइन बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन मजदूरों ने यात्रा मार्ग को भी करीब आधे घंटे तक अवरुद्ध कर दिया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप कर यात्रा को सुचारु बनाए रखा, लेकिन हालात बिगड़ने की संभावना कारण इन मजदूरों को गिरफ्तार करने का फैसला किया।
दोपहर करीब बारह बजे करीब 500 मजदूरों की गिरफ्तारी के बाद थाना परिसर में पुलिस लाकअप के बाहर इन मजदूरों जमकर प्रदर्शन किया। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि नए मार्ग को म्यूल ट्रैक के रूप में घोषित किया गया है। उस पर वाहनों की आवाजाही को किसी हाल में सहन नहीं किया जाएगा।
प्राचीन मार्ग की दुकानें बंद रहीं
भवन मार्ग के मजदूरों का समर्थन करते हुए बाण गंगा से चरण पादुका तक के सभी दुकानदारों ने वीरवार को अपनी दुकानें बंद रखी। इस विरोध में भवन मार्ग पर स्थित पुराना दरूड़ की जनता भी शामिल हो गई है। ज्यादातर लोगों का कहना था प्राचीन मार्ग से यात्रा के पड़ाव जुड़े हैं। नए मार्ग शुरू होने से इन पड़ाव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
आज से भूख हड़ताल पर जाएंगे
गिरफ्तारी में शामिल मजदूर यूनियन के प्रधान भूपिंद्र सिंह ने कहा कि शुक्रवार से सभी मजदूर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के साथ भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड की रणनीति हमेशा ही स्थानीय लोगों के विरोध में रही है। इस धार्मिक स्थल के विकास के बजाये बोर्ड प्रशासन मजदूरों की रोटी छीनने में लगा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।