जांच किट नहीं होने पर डॉक्टर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच रहे, सीधे भेजेंगे जीएमसी जम्मूउधमपुर। उधमपुर के जीएमसी अस्पताल में एक सप्ताह के अंदर 50 से ज्यादा बच्चे भर्ती करवाए गए हैं। ज्यादातर को सांस लेने में दिक्कत है। इसके अलावा उन्हें गले में दर्द, खांसी, जुकाम और बुखार भी है। जिस तरह से एचएमपीवी (ह्यूमन मेटा-पन्यूमो वायरस) का संक्रमण दुनियाभर में बढ़ रहा है, इसको देखते हुए डॉक्टर आशंकित हैं। वजह एचएमपीवी से संक्रमित बच्चों से मिलते-जुलते लक्षण इन बच्चों में भी मिल रहे हैं।
जिला स्तर के अस्पतालों में जांच किट न होने के कारण डॉक्टर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस मामले में शीघ्र जम्मू मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया जाएगा। जीएमसी अस्पताल में मौजूदा समय में 50 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। इनमें से 30-35% मामलों में वायरल संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार हर रोज लगभग 10 बच्चों को गंभीर स्थिति में भर्ती किया जा रहा है। बच्चों में बुखार, जुकाम, गले में दर्द और सांस संबंधी समस्याएं आम लक्षण हैं।
एचएमपीवी संक्रमण का बढ़ता खतरा
एचएमपीवी संक्रमण के लक्षण भी इन्हीं बीमारियों जैसे हैं, लेकिन अभी तक जीएमसी में इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। क्योंकि टेस्टिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बगैर टेस्ट संक्रमण की पुष्टि करना संभव नहीं है।
बच्चों को वायरस से बचाने के उपाय
स्वच्छता का ध्यान रखें -
बच्चों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
बीमार व्यक्ति से दूरी -
घर में कोई बीमार हो तो बच्चों को उनसे दूर रखें।
मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल -
बच्चों को मास्क पहनाएं और हाथ साफ रखने की आदत डालें।
सही खानपान -
बच्चों के खानपान में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाएं।
कोट
मौजूदा समय में मौसम खुश्क बना हुआ है। नवजात से लेकर 10 साल तक के बच्चे वायरस की चपेट में आ रहे हैं। खुश्क मौसम के चलते कई वायरस आते हैं। मौजूदा समय में 50 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। बच्चों को सर्दी से बचाकर रखें और साफ-सफाई व खानपान पर ध्यान दें। बच्चों में पाए जाने वाले लक्षण एचएमपीवी संक्रमण जैसे लग रहे हैं, लेकिन बिना जांच किए पुष्टि नहीं कर सकते हैं। फिलहाल अब तक इस संक्रमण का टेस्ट करने के लिए किट नहीं आई है।
डॉ. दीपक, चाइल्ड स्पेशलिस्ट
ये लक्षण एचएमपीवी
के नहीं
खांसी -जुकाम, बुखार,गले में दर्द एचएमपीवी के लक्षण नहीं हैं।
मौजूदा समय में सर्दी में संयुक्त लक्षण हैं। इसमें बुखार और जुकाम से बच्चे पीड़ित हैं। रही बात एचएमपीवी की तो ये तो वायरस 2001 में पहचाना गया था। कोविड तो 2021 में आया। लिहाजा इसे लेकर ज्यादा अफवाह फैलाई जा रही है।
-डाॅ. परवीन योगराज
पूर्व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट