उधमपुर। दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार ने आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोली हैं। मौजूदा समय में जिला में खोली गईं 35 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में डाक्टर व स्टाफ की कमी है। इससे लोग परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि कई डिस्पेंसरी में डॉक्टर के पद हैं, लेकिन वहां कई साल से डाॅक्टर नहीं हैं। लोगों के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी व पैरामेडिकल स्टाफ लोगों का इलाज कर रहे हैं। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह का इलाज मिल रहा है।
हैरानी की बात है कि जिला में खुली 35 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में 30 प्रतिशत ही स्टाफ है। इसके चलते ज्यादातर लोग इन डिस्पेंसरी में इलाज करवाने के बजाय जीएमसी उधमपुर में अपना इलाज करवा रहे हैं। हालांकि हर डिस्पेंसरी में डॉक्टर समेत दो और पद हैं। लेकिन जिला में खुली इन डिस्पेंसरी में ज्यादातर डाक्टरों के पद खाली हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
जिला आयुष ऑफिसर डॉ. सुरेखा पंड़ित ने बताया कि जिला में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में स्टाफ की बहुत कमी है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को लिखित में भेजा है। उन्होंने कहा कि जितना स्टाफ मौजूद है, उसी से काम चला रहे हैं।