लगातार बारिश से वार्ड नंबर 17 में कुल 30 घर क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकतर घर पंचैरी तहसील में तबाह हुए हैं। इन घरों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।
नगर के बीच वार्ड 17 के पाटा क्षेत्र में बारिश के कारण पूरा मकान गिर गया और परिवार के सभी सदस्यों को रसोईघर में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
वित्त राज्यमंत्री और विधायक पवन गुप्ता के घर के नजदीक गिरे इस मकान गिरने के बाद किसी भी अधिकारी ने इनकी सुध नहीं ली। टीन की छत के नीचे दो बच्चों समेत जिंदगी बसर कर रहे संजय कुमार स्वयं राजस्व अधिकारियों से मिला।
अधिकारियों ने मुआवजा देने की बजाए केवल मुफ्त राशन देने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही शंकरी देवी का प्रांगण भी बारिश के कारण बहने लगा। उसने भी अपने प्रांगण में तिरपाल डालकर घर को बचाने का प्रयास किया।
जबकि रतन के घर की दीवारों पर भी दरारें आ गई। करीब पांच मकान बारिश से प्रभावित हुए। वहीं, भूस्खलन के कारण गलियोत, पंचैरी, बदोता क्षेत्र में भी दो दर्जन मकान प्रभावित हुए।
बदोता में 13, ग्लयोत में छह और पंचैरी में चार मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए। हालांकि इन मकानों को कोई खान नुकसान नहीं हो पाया। लेकिन बदोता से तेरह परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।
बदोता के इन गुज्जर परिवारों को माल मवेशियों के साथ स्थानीय स्कूलों और अन्य सुरक्षित इमारतों में भेजा गया है। इन क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन हो रहा है।
दो दिन की धूप के बाद अचानक हुई बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों से सड़क मार्ग का संपर्क भी टूट गया है और लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।