उधमपुर। जम्मू संभाग के दूसरे सबसे बड़े शहर उधमपुर में वेयर हाउस और ट्रांसपोर्ट नगर बनाने को लेकर एक बार फिर से प्रयास शुरू हुए हैं। डायरेक्टर लोकल बाडी ने इसके लिए राजस्व विभाग से करीब 60 कनाल जमीन मांगी है। जमीन मिलते ही इनके निर्माण के लिए डीपीआर भी तैयार कर दी जाएगी। नगर परिषद के इस प्रयास से देविकानगरी को कई वर्षों के बाद ट्रांसपोर्ट नगर व वेयर मिलने की उम्मीद जगी है।
नौ वर्ष से जिला प्रशासन वेयर हाउस व ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण को लेकर प्रयास कर रहा है, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पा रही है। करीब पांच वर्ष पहले जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें सरकार से बट्टलबालियां इलाके में ट्रांसपोर्ट नगर व वेयर हाउस के लिए 614 कनाल जमीन व 200 करोड़ की राशि मांगी थी। हर वर्ष यह प्रस्ताव उच्च अधिकारियों के पास जाता है और इसको नामंजूर कर दिया जाता है। जब प्रशासन की मंजूरी न मिलने पर चर्चा की तो पता चला कि मांग इतनी ज्यादा रखी गई है, जिसेे पूरा करना सरकार के लिए संभव नहीं है। नए सिरे से संशोधन करने के बाद डायरेक्टर लोकल बाडी ने इसके लिए करीब 60 कनाल जमीन मांगी है।
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उधमपुर की उद्योग व व्यापार में अलग पहचान
जम्मू संभाग में उधमपुर उद्योग व व्यापार के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। उधमपुर को राज्य के तीसरे प्राचीन शहर के रूप में ख्याति प्राप्त है, लेकिन आज तक इस शहर में ट्रांसपोर्ट नगर व वेयर हाउस जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। इन महत्वपूर्ण सुविधाओं के अभाव में व्यापारी व कारोबारी वर्ग काफी परेशानियों से जूझ रहा है। इससे इनका कामकाज भी नहीं बढ़ पा रहा है।
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हर वर्ष विकास बोर्ड की बैठक में उठता है मुद्दा
प्रत्येक वर्ष जिला विकास बोर्ड की बैठक में वेयर हाउस व ट्रांसपोर्ट नगर की मांग को जोर शोर के साथ उठाया जाता है, लेकिन केवल प्रस्ताव तक ही बात सिमट जाती है, जबकि जमीनी स्तर पर सरकार व प्रशासन कुछ नहीं कर पाया है।