प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की हरी झंडी के साथ ही जम्मू-कश्मीर में भारतीय रेल का एक नया अध्याय शुरू हो गया।
बनिहाल रेलवे स्टेशन से रवाना हुई आठ बोगियों की पहली ट्रेन के यात्री स्कूली बच्चे बने।
उन्होंने पीर पंजाल की पहाडिय़ों के मनोरम दृश्य का लुत्फ उठाते हुए देश की सबसे लंबी 11 किलोमीटर की रेल टनल से गुजरने का आनंद भी लिया।
फूलों से सजी ट्रेन 25 मिनट के अंदर बनिहाल से काजीगुंड स्टेशन पहुंची। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ट्रेन को रवाना करने से पहले बोगी में सवार स्कूली बच्चों से रूबरू हुए और उनसे बातचीत की। साथ ही बच्चों संग ट्रेन में सफर किया।
इस दौरान जेएंडके के राज्यपाल एनएन वोहरा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रेल मंत्री मल्लिकाअर्जुन खड़गे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे।
घाटी में 11 अक्टूबर 2008 में रेल सेवा शुरू हुई थी, जिसका उद्घाटन भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था। अब तक यह ट्रेन काजीगुंड से बारामूला जाती थी।
बुधवार को रवाना हुई पहली ट्रेन में इरकॉन और रेलवे के अफसर भी मौजूद थे। आम यात्रियों के लिए यह ट्रेन 27 जून से आरंभ होगी और ट्रेन बनिहाल से बारामूला तक रोजाना पांच फेरे लगाएगी।