जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद उपजे हालात और कोविड-19 की मार के चलते पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन उद्योग पटरी पर नहीं लौट पाया है। प्रवेशद्वार लखनपुर से कश्मीर तक पर्यटकों का टोटा है। प्रदेश में 15 फीसदी तक पर्यटन उद्योग सिमट कर रह गया है। जहां जम्मू-कश्मीर में 2018 और 2019 में 1 करोड़ 60 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे, वहीं 2020 में अगस्त तक सिर्फ 25 लाख पर्यटक ही आ पाए।
इस उद्योग से जुड़े टूर एंड टैक्सी ऑपरेटर, होटल उद्योग, शिकारे वाले, हाउस बोट आदि बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। रोजी-रोटी को चलाए रखने के लिए कइयों ने मजबूरी में अपना कारोबार बदल लिया है। पर्यटन उद्योग के ठप रहने से सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। कारोबारियों को इस साल पर्यटन उद्योग के उभरने की उम्मीद नहीं है।
अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के साथ जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन हुआ। इसके बाद खासतौर पर कश्मीर में कई माह बंद रहा। इससे पर्यटन उद्योग अधिक प्रभावित हुआ। इस साल के शुरू में पर्यटन उद्योग ने थोड़ी गति पकड़ी थी, लेकिन मार्च में कोविड की दस्तक के बाद फिर पर्यटन उद्योग ठप हो गया और अब तक इसे गति नहीं मिल पाई है।
जम्मू में 60 फीसदी होटल बंद
ऑल जम्मू होटल व लॉज एसोसिएशन के प्रधान पवन गुप्ता का कहना है कि पर्यटकों की आमद न होने के कारण पिछले एक साल से होटल उद्योग प्रभावित है। जम्मू में ही 60 फीसदी होटल बंद पड़े हुए हैं। यहां करीब 350 होटल व लॉज हैं। यही नहीं पर्यटकों के न आने के कारण रघुनाथ बाजार, हरि मार्केट जैसे प्रतिष्ठित बाजारों में पिछले छह माह से कई दुकाने बंद पड़ी हुई हैं। इनमें कइयों ने होटल ठेके पर लिए थे, जिनके लिए खर्चे पूरा करना मुश्किल हो गया और आखिर में उन्हें होटल बंद करने पड़े। कटड़ा और जम्मू में पर्यटकों का आवागमन न होने तक जम्मू में होटल उद्योग को गति नहीं मिलेगी। इसके साथ कोविड की वैक्सीन न आने तक होटल उद्योग को गति मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
टूर एंड ट्रैवेल व्यवसाय वेंटिलेटर पर
कोविड और दूसरी परिस्थितियों के बीच प्रदेश में टूर एंड ट्रैवेल व्यवसाय वेंटिलेटर पर चल रहा है। टूर एंड ट्रैवलर ऑपरेटर एसोसिएशन के प्रधान आशुतोष गुप्ता ने कहा कि पर्यटन स्थलों के सूने पड़े रहने के कारण टूर एंड ट्रैवलर व्यवसाय लगभग ठप पड़ा हुआ है। खासतौर पर पिछले छह माह में कोविड संकट ने इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की कमर तोड़ दी है। नौबत यह है कि इन लोगों को रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं।
वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद उपजी परिस्थितियां और कोविड संकट के चलते प्रदेश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा प्रभावित हुई हैं। अगस्त-2019 जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद को हटाने से पूर्व अमरनाथ यात्रा को बीच में ही रोक दिया गया था। इससे आखिर में लाखों श्रद्धालु नहीं पहुंच पाए थे। 2020 में कोविड संकट के चलते यात्रा को स्थगित करना पड़ा। इसी तरह मार्च से जुलाई 2020 तक लॉकडाउन के चलते वैष्णो देवी यात्रा बंद रखी गई।
पर्यटन गतिविधियां बढ़ाई जा रहीं : निदेशक
जम्मू संभाग में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाया दिया जा रहा है। विश्व पर्यटन दिवस पर जिला स्तर के हेडक्वार्टर पर कोविड प्रोटोकाल के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगामी ट्रैकिंग, बाइक रैली आदि गतिविधियां की जाएंगी। देश विदेश से संभाग में आने वाले पर्यटक सरकार की ओर से निर्धारित कोविड प्रोटोकाल का गंभीरता से पालन करें।
-राज कुमार कटोच, निदेशक, पर्यटन विभाग, जम्मू