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हंदवाड़ा से 22 साल बाद हटाए गए सेना के 4 बंकर

Tue, 19 Apr 2016 09:29 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर

सार

  • बंकरों को लगभग दो दशक पहले यहां पर सेना द्वारा स्थाप‌ित क‌िया गया था
  • स्थानीय लोग पिछले कई दिनों से तोड़ने की मांग कर रहे थे लेकिन सेना इन बंकरों को हटाने के लिए तैयार नहीं थी
  • हंदवाड़ा शहर में सुबह आठ बजे से दोपहर 12 तक प्रतिबंधों में चार घंटे की ढील दी गई
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सेना के तीन बंकर हटाते नगर न‌िगम का अध‌िकारी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में मंगलवार को सेना के चार बंकरों को हटाया दिया गया। जिला उपयुक्त के आदेश के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। करीब 22 साल बाद वहां से यह बंकर हटाए गए हैं। 
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मिली जानकारी के अनुसार जिले में पिछले दिनों भड़की हिंसा के बाद लोगों की मांग पर हंदवाड़ा के मुख्य चौक में बने सेना के चार बंकरों को बुलडोज़र की मदद से गिरा दिया गया। इनमें वह मुख्य बंकर भी था जिसे भीड़ ने निशाना बनाया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस बंकर के गिरते ही भीड़ ने इस चौक को नईम भट चौक का नाम दे दिया जो सेना की फायरिंग में मारा गया था। वह उभरता हुआ क्रिकेटर था। 

कुपवाड़ा के जिला उपयुक्त राजीव रंजन ने मौके पर पत्रकारों को बताया कि इस बंकर को धारा 133 (उपयोग के लिए असुरक्षित इमारत) के अंतर्गत हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक कमेटी का गठन किया गया है जो यह निर्णय लेगी कि यहां क्या बनाया जाए। यहां पर्यटक सुविधा केंद्र या फिर स्वागत सेंटर भी बनाया जा सकता है। 
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पीडीपी-भाजपा सरकार के दबाव में हंदवाड़ा से हटाए गए बंकर

ये बंकर हंदवाड़ा बाजार की मुख्य चौक पर स्थ‌ित था - फोटो : Amar Ujala
हंदवाड़ा से जिन परिस्थितियों में बंकर हटाए गए हैं। उससे लगता है कि यह कदम राज्य की पीडीपी-भाजपा सरकार के दबाव में उठाया गया है। स्थानीय लोग काफी पहले से क्षेत्र में सेना को हटाने की मांग कर रहे थे। माना जा रहा है कि दोनों दलों ने ऐसा स्थानीय लोगों का भरोसा जीतने के लिए किया जा रहा है। 

वहीं सेना मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पिछले दो-तीन साल से सेना हंदवाड़ा के शांत क्षेत्रों से धीरे-धीरे अपनी तैनाती कम कर रही है। हंदवाड़ा में चौक की पोस्ट पर बमुश्किल 10-12 जवानों की तैनाती रहती थी। गौरतलब है कि सेना की इस पोस्ट के पास ही स्कूली छात्रा को सेना के जवान द्वारा छेड़ने का आरोप लगा था और बाद में हिंसा भड़क गई थी। हिंसा के दौरान भी भीड़ बंकरों को हटाने की मांग कर रही थी।

आतंकियों का स्वागत द्वार रहा है हंदवाड़ा
पाओके से घाटी में दाखिल होने वाले आतंकी हंदवाड़ा को स्वागत स्थान के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। सैन्य खुफिया इकाई सूत्रों के मुताबिक इस क्षेत्र में अलगाववादियों की पकड़ काफी मजबूत है।

आतंकी क्षेत्र में दाखिल होने के बाद यहीं से दो-तीन के समूहों में राज्य के भीतर फैलने की योजना को अंजाम देते हैं। ऐसे में सेना की यह पोस्ट खुफिया सूचना तथा जमीनी हालात का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण थी।
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