जम्मू के बांडीपोरा में कुछ युवाओं ने उच्च शिक्षा मंत्री मोहम्मद अकबर लोन के काफिले पर हमला कर दिया। काफिले पर जमकर पथराव किया और मंत्री को घेर लिया। पुलिस ने तितर-बितर के लिए आंसु गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
इसके उपरांत इन युवाओं ने नेशनल कांफ्र्रेंस (नेकां) के स्थानीय नेताओं के घरों पर पथराव कर दिया। चुनावों के दौरान प्रचार में इन नेताओं के शाहगंज में स्थित घरों पर जमकर पत्थरबाजी की और घरों को नुकसान पहुंचाया।
पथराव की घटना की जानकारी मिलते ही जम्मू कश्मीर पुलिस व सीआरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। इन शरारती तत्वों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इस बीच, पुलिस के पहुंचने और युवाओं को तंग करने की क्षेत्र में अफवाह फैल गई।
कुछ और युवा भी मौके पर पहुंचे और जमकर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव के कारण डीएसपी, एसएचओ समेत करीब बीस पुलिसकर्मी और दस लोग घायल हो गए।
14 अप्रैल को हुई फायरिंग के कारण क्षेत्र के एक युवक फरहत अहमद डार की मौत हो गई थी। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण क्षेत्र के युवा प्रदर्शन कर रहे थे। इन प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसी बीच, सोनावरी विधानसभा के विधायक और शिक्षा मंत्री मोहम्मद अकबर लोन कार्यकर्ताओं को संबोधित करने और बैठक में शामिल होने के लिए निकले। शाहगंज में भगत मोहल्ले के नजदीक जैसे ही मंत्री का काफिला पहुंचा तो पथराव हो गया।
लोगों के अनुसार जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, वह क्षेत्र में किसी भी राजनीतिक गतिविधि को होने नहीं देंगे। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए आंसु गैस के गोले दागने पड़े।