अगले साल होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले आतंकी घाटी में अपनी संख्या बढ़ाने की कोशिश में हैं।
एक वरिष्ठ सैन्य अफसर का कहना है कि इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार घाटी में घुसने के लिए एलओसी के उस पार बैठे आतंकी घुसपैठ का प्रयास करेंगे। लेकिन एलओसी पर बर्फबारी होने के बावजूद सेना कश्मीर घाटी में एलओसी के निकट घुसपैठ को रोकने के लिए पैनी नजर रखे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इस साल ज्यादातर टॉप कमांडरों के मारे जाने या फिर गिरफ्तार हो जाने के कारण सीमा पार बैठे उनके आका घाटी में आतंकियों की संख्या घटने से निराश हैं। इस साल घुसपैठ के जितने भी प्रयास हुए हैं, सेना ने उन्हें नाकाम कर दिया है। इसके अलावा घाटी में भी सक्रिय आतंकियों पर अंकुश लगाने में कामयाबी मिली है।
इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में बताया गया है कि पीओके में अभी भी आतंकी प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। साथ ही लांच पैड भी कार्यरत हैं। चूंकि इस बार एलओसी के आसपास की पहाड़ियों में ज्यादा बर्फबारी नहीं हुई है, इसलिए घुसपैठ की संभावनाएं बढ़ने का संकट बरकरार है।
इससे पहले फरवरी और मार्च में भी घुसपैठ के प्रयासों का सामना किया गया है, जब एलओसी के आसपास 10-20 फुट बर्फ होती थी।
अधिकारियों के अनुसार सेना के अलावा पुलिस और अन्य एजेंसियों ने कश्मीर घाटी में मौजूद आतंकियों की उपस्थिति को पहचानने में सफलता हासिल की, जिससे पिछले कुछ सालों में आतंकियों के खिलाफ कामयाबी मिली है। इसलिए उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए।