आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी से पर्यटन उद्योग को गहरा झटका लगा है। जम्मू कश्मीर में पर्यटकों की आमद में डेढ़ लाख की गिरावट दर्ज हुई है।
संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को फांसी के बाद कश्मीर में स्थिति बिगड़ी। हिंसक प्रदर्शनों के बाद कर्फ्यू से देश और विदेशों में कश्मीर के अशांत होने का संदेश पहुंचा जिससे पर्यटन उद्योग को नुकसान झेलना पड़ा है।
उत्तराखंड हादसे ने धार्मिक पर्यटन को भी प्रभावित किया। नतीजतन अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या भी घटी।
पर्यटन विस्तार के लिहाज से 2012 अच्छा वर्ष रहा था जब लगभग 13 लाख देशी-विदेशी पर्यटकों में जम्मू कश्मीर का भ्रमण किया। इसमें 35 हजार विदेशी पर्यटक थे लेकिन हालत को आतंकियों की नजर लग गई। रियासत सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 2013 में आतंकी हमले की 130 घटनाएं हुईं।
सरकार इसे हमलों की संख्या में गिरावट मानती है लेकिन इस दौरान सुरक्षा बलों पर हमले बढ़ गए। साथ ही अफजल गुरु की फांसी का हिंसक विरोध कर अलगाववादियों ने पूरी घाटी का माहौल बिगाड़ दिया। इस कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या 35 हजार से घटकर 28 हजार पर पहुंच गई।
लेह-लद्दाख में बौद्ध पर्यटन भी प्रभावित हुआ। चीन द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन करने की घटनाओं का भी असर पड़ा। चीनी सेना दो बार भारतीय सीमा में घुसी और इस खबर ने विदेशी पर्यटकों के कदम रोक दिए। श्रीनगर में पर्यटन विभाग ने इजरायली आर्केस्ट्र संचालक जुबिन मेहता का कार्यक्रम आयोजित कर पूरी दुनिया में कश्मीर की शांति का संदेश देने की कोशिश की। जर्मनी दूतावास द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का साकारत्मक असर दिखा लेकिन पर्यटकों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो सकी।
पर्यटन मंत्री ने देश के दूसरे राज्यों और विदेशों में कश्मीर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रोड शो भी आयोजित किए। विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी आयोजन हुए। मेले और प्रदर्शनियों के आयोजन पूरे साल होते रहे लेकिन अशांति के कारण पर्यटन उद्योग में गति नहीं आ सकी।
इस साल पर्यटन उद्योग को पंख लगने की उम्मीद
पर्यटन मंत्री गुलाम अहमद मीर का कहना है कि साल 2014 में पर्यटन विस्तार की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह सच है कि 2012 की तुलना में 2013 में कम पर्यटक आए। पर्यटन पर जमीनी और मौसमी हालत का असर पड़ता है। मुबंई दौरे के क्रम में टूरिस्ट आपरेटरों ने बताया कि इस साल अभी से कश्मीर के लिए बुकिंग शुरू हो गई है। मुबंई के एक आपरेटर के अनुसार इस साल 15 दिनों में 15 हजार पर्यटकों ने कश्मीर के लिए बुकिंग कराई है। इसे शुभ संकेत कहा जा सकता है।