प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दो दिवसीय दौरे से एक दिन पहले आतंकियों ने सेना के काफिले पर हमला बोल कर 35 राष्ट्रीय राइफल्स के आठ जवानों की जान ले ली।
श्रीनगर के बाहरी इलाके हैदरपुरा बाईपास के पास एयरपोर्ट से लाल चौक की ओर जाने वाली सड़क पर हुए इस हमले में 19 अन्य घायल हुए हैं।
तस्वीरों में: घाटी में फिर आतंकी दहशत
दो दिन पहले हुए हमले की तरह इस बार भी इस हमले की जिम्मेदारी हिजबुल मुजाहिदीन ने ली है। आतंकी संगठन के कथित प्रवक्ता ने ऐसे और हमले करने की भी धमकी दी है।
पीएम दौरे से पहले श्रीनगर में आतंकी हमला
प्रवक्ता के मुताबिक हमलावर आतंकी सुरक्षित ठिकानों पर पहुंच चुके हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इसके पीछे लश्कर-ए-ताइबा का हाथ हो सकता है।
सोमवार को श्रीनगर में तीन आतंकी हमले हुए। दो अन्य हमलों में दो लोगों के जख्मी होने की सूचना है।
हाई अलर्ट के बावजूद दो दिन में पुलिस और सुरक्षा बलों के सात जवानों की शहादत ने सरकार और सुरक्षा बलों के होश उड़ा दिए हैं। इससे पहले 22 जून को आतंकी हमले में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।
इसके बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ कर दिया है कि पीएम दौरे को टाला नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार 35 राष्ट्रीय राइफल का एक काफिला उत्तरी कश्मीर के बडगाम स्थित बेस कैंप की ओर जा रहा था, तभी घात लगाकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्लासिक अस्पताल के पास शाम 4 बजकर 35 मिनट पर आतंकियों ने हमला बोल दिया।
आतंकियों के निशाने पर अमरनाथ यात्रा
एके-47 राइफल्स से लैस आतंकियों ने सेना के काफिले के दोनों ओर से घेरकर गोलियां चलानी शुरू की। हमले के बाद आतंकी एक छात्र की मोटरसाइकिल छीनकर मौके से बरजुला चेकपोस्ट की तरफ भागे।
पोस्ट पर तैनात पुलिस और सीआरपीएफ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी और हथगोले भी दागे।
इसी कारण सीआरपीएफ का एक सब इंस्पेक्टर लाला राम, एक पुलिसकर्मी और एक महिला घायल हो गई। बाद में आतंकी काले रंग की सेंट्रो कार से भागने में सफल हुए हैं।
मौके से एक मोटर साइकिल बरामद हुई है जो संभवत: आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की गई थी। आतंकियों ने हमले में स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किया। गोलीबारी लगभग पांच मिनट तक चली।
इलाके में तैनात रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) ने भी आतंकियों पर गोलीबारी की, लेकिन वे स्थानीय लोगों को ढाल बनाकर मौके से भागने में कामयाब रहे।
मदद मांगने के बहाने धोखे से किया वार
आतंकियों ने सोची समझी साजिश के तहत हमला किया। वारदात को अंजाम देने से पहले आतंकियों ने दो छात्रों से बाइक छीनी, जो ट्यूशन पढ़ने जा रहे थे। सैन्य वाहन में सवार जवानों के अनुसार फिरन पहने दो युवकों ने उनके वाहन को रुकने का इशारा किया।
जवानों ने सोचा कि वे कोई मदद चाहते हैं। जैसे ही मदद के लिए जवान वाहन से उतरे, उन्होंने फिरन के अंदर से हथियार निकाल ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
तीन दिनों में दूसरा हमला
घाटी में पिछले तीन दिनों में यह दूसरा हमला है। इससे पहले 22 जून को आतंकी हमले में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।
सीमा पार की भाषा बोल रहे थे आतंकी
जिस छात्र की मोटरसाइकिल छीनकर आतंकी मौके से भागने में सफल रहे, उसका कहना है कि वह चश्ते उर्दू भाषा में बात कर रहे थे, जो कि कश्मीर में नहीं बोली जाती है।
हमले के बावजूद पीएम जाएंगे कश्मीर
श्रीनगर में हुए आतंकी हमले के बावजूद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा के लिए कश्मीर जाएंगे। पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है।
अपनी यात्रा के दौरान पीएम सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा कर सकते हैं। मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी काजीगुंड और बनिहाल के बीच रेल सेवा की शुरुआत करेंगे।
‘अपने बिखरे मनोबल को बनाए रखने और सुरक्षा बलों को हतोत्साहित करने के लिए आतंकी इस तरह के हाई प्रोफाइल हमले कर रहे हैं।’ --उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर