जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में सचिवालय से मात्र आधा किलोमीटर दूर बटमालू इलाके में बुधवार को आतंकियों ने पुलिस वैन पर ग्रेनेड हमला कर दिया।
हमले में पेशी से वापस लाए जा रहे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी शकील अहमद कसाना की मौत हो गई। जबकि चार पुलिसकर्मियों सहित पांच लोग जख्मी हो गए। घायलों को श्रीनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के समय पुलिस वाहन में एक ही कैदी था। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आतंकी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। एक सप्ताह में यह दूसरी आतंकी वारदात है। पिछले दिनों हुए आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत हुई थी।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार बुधवार दोपहर साढ़े बारह बजे पुलिस शकील को श्रीनगर से बारामूला सब जेल लेकर जा रही थी। इसी दौरान आतंकियों ने पुलिस वाहन पर ग्रेनेड फेंक दिया। ग्रेनेड वाहन के अंदर फटा।
इससे आतंकी शकील अहमद के अलावा उसमें सवार चार पुलिसकर्मी और एक नागरिक गुलाम नबी मलिक जख्मी हो गया। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्किम अस्पताल में उपचार के दौरान शकील की मौत हो गई।
घटना स्थल पर धमाके की आवाज से अफरातफरी मच गई। चंद मिनट में ही आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर ली गई।
मारा गया कैदी शकील अहमद पाकिस्तान की यूनाइटेड जेहाद कौंसिल के चेयरमैन सैयद सलाउद्दीन का बॉडीगार्ड रह चुका है। शकील हिजबुल का सक्रिय सदस्य रह चुका था।
पिछले साल पाकिस्तान से नेपाल सीमा के रास्ते कश्मीर पहुंचने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। सेंट्रल कश्मीर के डीआईजी पुलिस एसए मुज्तबा ने बताया कि शकील करीब 10 सालों तक पाकिस्तान में रहा।
वह 2003 में पाकिस्तान गया। इस दौरान 2009 से लेकर 2012 तक सैयद सलाउद्दीन का करीबी रहा।