जम्मू और कशमीर में तीन साल पहले पुलिस का विरोध करने वाले नौजवानों ने अब खुद वर्दी पहन ली है।
कश्मीर में हुए हिंसात्मक विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक पी एल गुप्ता ने शनिवार को पासिंग आउट परेड में 911 कश्मीरी युवकों को औपचारिक तौर से पुलिसबल में शामिल किया।
कश्मीर घाटी में पुलिस एनकाउंटर में तीन युवकों के मारे जाने के बाद साल 2010 में लोगों का गुस्सा भड़क उठा था और कई युवा सड़क पर उतर आए थे।
कई महीनों तक चले इस प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आरपार की लड़ाई हुई। पुलिस पर पत्थर बरसाए गए और पुलिस की ओर से गोलियां भी चलाई गईं। सुरक्षाबलों की फायरिंग में करीब 100 प्रदर्शनकारी मारे गए थे।
इन प्रदर्शनों के बाद राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष पुलिस भर्तियों का आयोजन किया गया था। इन्हीं भर्तियों में इन युवकों को चुना गया।
नियुक्ति के लिए किया विरोध
दो हफ्ते पहले मणिगाम पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नए जवानों ने अपनी पासिंग आउट सेरेमनी न किए जाने पर विरोध पदर्शन किया था। स्कूल में तैनात पुलिसवालों पर पत्थर भी फेंके गए थे। इनका कहना था कि पासिंग आउट परेड न होने की वजह से उनकी नियुक्ति में देरी हो रही है।