उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि युवा 21वीं सदी की जलवायु और वैश्विक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान पेश करने में दुनिया का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युवा पीढ़ी प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने के लिए नवीन विचारों और कार्यों का समन्वय करेगी और सतत विकास के लिए नीति निर्माण में हितधारक भी बनेगी। एलजी मनोज सिन्हा ने कश्मीर विश्वविद्यालय में वाई20 परामर्श बैठक को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता का विजन दो बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए हमारी साझा जिम्मेदारी पर केंद्रित है, जो है- जलवायु की रक्षा करना और सतत विकास को बढ़ावा देना। एक परिवार के रूप में, हमें पृथ्वी का पोषण करने की जरूरत है जो जीवन को बनाए रखती है। भारत देश आम आदमी के जीवन को बदलने के लिए समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक समुदाय से जलवायु चुनौती से निपटने के प्रयास को एक जन आंदोलन में बदलने और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा, 'मुझे दृढ़ विश्वास है कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, भारत एक स्थायी समाज के निर्माण में दुनिया का मार्गदर्शन करेगा जो एक आर्थिक महाशक्ति और प्रकृति के नाजुक संतुलन को बहाल करने में एक प्रमुख योगदानकर्ता होगा।'
उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि हमारे पूर्वजों की दृष्टि केवल किताबों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि समुदाय से कार्रवाई पर केंद्रित थी क्योंकि प्रत्येक प्राचीन भारतीय शास्त्र निस्वार्थ कार्य का आह्वान करता है।
उन्होंने कहा कि त्वरित विकास और पारिस्थितिकी स्थिरता की चुनौतियों का प्रबंधन करने के लिए हमें विकास और प्रकृति के बीच एक संतुलित और समग्र दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों पर हमारा अधिकार पूर्ण नहीं है, यह अस्थायी है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध पृथ्वी सुनिश्चित करने के लिए यह सोच हमारी दैनिक आदत का हिस्सा बननी चाहिए। उपराज्यपाल ने सतत विकास के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया
उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर ने अपने संबोधन में युवाओं और अन्य हितधारकों से सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयासों में शामिल होने का आह्वान किया। कश्मीर विश्वविद्यालय वीसी कुलपति प्रोफेसर निलोफर खान, युवा मामले विभाग के निदेशक पंकज कुमार सिंह, कश्मीर विश्वविद्यालय के वाई20 अध्यक्ष प्रो मंजूर शाह, पटना यूनिवर्सिटी के सीनियर फैकल्टी गुरु प्रकाश पासवान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, पैनलिस्ट, प्रमुख नागरिक, वरिष्ठ अधिकारी, युवा प्रतिनिधि, छात्र और विद्वान उपस्थित रहे।