मध्य कश्मीर के श्रीनगर में स्थित नागरिक सचिवालय की इमारत के निर्माण के करीब छह दशक बाद पहली बार नया रूप देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए इमारत के बाहरी हिस्से में सफेदी का काम शुरू किया गया है। इस इमारत की आधारशिला जम्मू-कश्मीर के तीसरे प्रधानमंत्री बख्शी गुलाम मोहम्मद ने 1961 में रखी थी। 1963 में बनकर यह तैयार हुआ। तब से यह इमारत बाहर से सीमेंटेड लुक में थी।
नागरिक सचिवालय में करीब 20 वर्ष से अधिक समय तक कार्य करने वाले एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने बताया कि जब से इस इमारत का निर्माण हुआ है, अब तक इस पर कभी सफेदी नहीं की गई। इमारत का निर्माण ही ऐसा किया गया कि इस पर रंग रोगन न करना पड़े। हालांकि जम्मू के नागरिक सचिवालय की इमारत को लगभग हर साल दरबार मूव से पहले सफेदी की जाती थी।
सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि सफेदी का काम शुरू कर दिया गया है और अब तक इमारत के आधे हिस्से को सफेदी की गई है। इससे इमारत की मौलिकता खो गई है। उन्हें नहीं पता कि इमारत का रंग बदलने के फैसले के पीछे क्या उद्देश्य है। अधिकारी ने कहा कि इमारत के सीमेंटेड लुक को संरक्षित किया जा सकता था, भले ही उसमें कोई कमी पेशी थी। नए सचिवालय के रूप में लोकप्रिय इस भवन का निर्माण 1961 में शहीद गंज इलाके में किया गया था, क्योंकि इससे पहले झेलम नदी के तट पर पुराने सचिवालय में जगह कम पड़ गई थी।