घाटी में हज पर जा रहे हाजियों के साथ धोखाधड़ी का मामला एक बार फिर प्रकाश में आया है। मामला वीरवार को उस वक्त सामने आया, जब हज पर जा रहे यात्री अपनी टिकटें हासिल करने के लिए निजी कंपनियों के दफतरों पर पहुंचे और यहां पहुंच कर उन्हें ऐसा झटका लगा कि कि हज पर जाने वाले यात्रियों के चेहरे उतर गए।
कुछ देर तक हज पर जाने वाले यात्री ट्रेवल एजेंट के इंतजार में इधर उधर भटकने लगे। वहीं कुछ लोग ट्रेवल एजेंट की ओर से दिए गए मोबाइल नंबरों पर बात करने की कोशिश करते रहे, लेकिन यह सारे नंबर या तो बंद हो गए थे या काम नहीं कर रहे थे। इस दौरान धोखे की भनक लगते ही यहां मौजूद हज यात्रियों और उनके घर वालों ने ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने हज यात्रियों को यकीन दिलाने की कोशिश की कि वे ट्रेवल एजेंटों का पता लगा कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे, लेकिन गुस्से में हाजियों ने हरी सिंह स्ट्रीट से रैली निकाली और बड़शाह चौक से होते हुए लाल चौक और फिर प्रेस कालोनी पहुंच कर नारेबाजी की। गुलाम रसूल कुरैशी, सज्जाद अलताफ, नजीर अहमद, गुलाम हसन, अली मोहम्मद ऐसे कई लोग हैं, जिनसे अलबलाग और अल हजीज नामी ट्रेवल एजेंटों ने लाखों रुपये लेकर धोखा किया। हज यात्रियों ने डिवीजनल कमिश्नर को उनके साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में ज्ञापन सौंपा।