हॉट सीट बनी टिहरी जिले की देवप्रयाग विधानसभा सीट भाजपा और कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि दोनों दलों से बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में है और दोनों ही क्षेत्र पर मजबूत पकड़ वाले माने जाते है।
विधान सभा चुनाव 2012 में बागी प्रत्याशियों के कारण भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां नुकसान झेल चुकी है। तब कांग्रेस के बागी मंत्री प्रसाद नैथानी विजयी रहे और भाजपा के बागी महिपाल बुटोला तीसरे स्थान पर रहे थे। अगर दोनों पार्टियां भीतरघातियों से नहीं निपटती, तो नतीजे राजनैतिक दलों के खिलाफ जा सकते हैं।
देवप्रयाग सीट से विधायक बनने के संघर्ष को बागियों ने कड़ा कर दिया है। भाजपा से टिकट न मिलने पर ढाई माह पूर्व पार्टी में आए पूर्व कबीना मंत्री दिवाकर भट्ट निर्दलीय मैदान में उतर चुके हैं। वहीं शूरवीर सजवाण भी कांग्रेस से टिकट न मिलने पर 55 साल बाद पार्टी को अलविदा करते हुए चुनाव लड़ रहे हैं।
वहीं भाजपा में पूर्व में काफी सक्रिय रह चुके डा. जमुना प्रसाद रैवानी भी सर्व विकास पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं। बागियों के चुनाव मैदान में उतरने से दोनों दलों के वोट बैंक को नुकसान पहुंचना तो तय है, लेकिन खास बात यह है कि स्थानीय समीकरणों के आधार पर दिवाकर कांग्रेस और सजवाण भाजपा के वोट बैंक में भी सेंध लगा रहे हैं। ऐसे में वोट संभालने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मंत्री प्रसाद नैथानी और भाजपा प्रत्याशी विनोद कंडारी को काफी मेहनत करनी पड़ेगी।
विधान सभा चुनाव 2012 के नतीजे
प्रत्याशी दल मत
मंत्री प्रसाद नैथानी निर्दलीय 12294
दिवाकर भट्ट भाजपा 10753
महिपाल बुटोला निर्दलीय 6706
शूरवीर सजवाण कांग्रेस 6358