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Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में डिप्टी स्पीकर का पद दो साल से खाली, सत्ता-विपक्ष दोनों खामोश

Tue, 18 Aug 2026 12:47 PM IST
Nikita Gupta अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का छठा सत्र 21 सितंबर से शुरू होने जा रहा है, लेकिन डिप्टी स्पीकर का अहम संवैधानिक पद करीब दो साल से खाली है।
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जम्मू कश्मीर विधानसभा - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा का छठा सत्र 21 सितंबर से शुरू होने जा रहा है, लेकिन सदन में डिप्टी स्पीकर का अहम सांविधानिक पद करीब दो साल से खाली है। निर्वाचित सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष 16 अक्तूबर को पूरे होने जा रहे हैं। इसके बावजूद सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने इस पद को भरने के लिए कोई पहल नहीं की है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने भी अब तक इसे लेकर सरकार पर कोई औपचारिक दबाव नहीं बनाया है।

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कानूनी तौर पर डिप्टी स्पीकर विधानसभा का दूसरा प्रमुख सांविधानिक पद है। स्पीकर की अनुपस्थिति या पद रिक्त होने की स्थिति में डिप्टी स्पीकर सदन की कार्यवाही संचालित करता है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 19 के तहत विधानसभा के गठन के बाद स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव किया जाना अनिवार्य है। निर्वाचित सरकार के गठन के बाद विधानसभा के पहले ही सत्र में अब्दुल रहीम राथर को सर्वसम्मति से स्पीकर चुना गया था। भाजपा ने इस चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। हालांकि, डिप्टी स्पीकर का चुनाव अब तक नहीं हो सका है।

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संसदीय परंपरा में विपक्ष को मिलता रहा है पद
संसदीय परंपरा के अनुसार डिप्टी स्पीकर का पद मुख्य विपक्षी दल को दिए जाने की परंपरा रही है। मौजूदा विधानसभा में भाजपा मुख्य विपक्षी दल है। इससे पहले पीडीपी-भाजपा सरकार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नजीर गुरेजी और नेकां-कांग्रेस शासनकाल में पीडीपी के सरताज मदनी डिप्टी स्पीकर रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, नेकां डिप्टी स्पीकर का पद भाजपा को देने से हिचक रही है। दूसरी ओर, भाजपा ने भी अब तक इस मुद्दे को लेकर सरकार पर कोई औपचारिक दबाव नहीं बनाया है।

सत्ता पक्ष किसी भी सांविधानिक पद पर विपक्ष को बैठने नहीं देना चाहता
राजनीतिक विश्लेषक इनायत अहमद ने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा में डिप्टी स्पीकर का पद लंबे समय तक खाली नहीं रहता था। उनके अनुसार, नेकां ने जानबूझकर यह पद खाली रखा है। भाजपा भी दबाव नहीं बना सकती, क्योंकि खुद उसी ने 18वीं लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद खाली रखकर इस परंपरा की शुरुआत की थी। उनका कहना है कि इसी वजह से नेकां को भी अपने फैसले के लिए राजनीतिक तर्क मिल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष किसी सांविधानिक पद पर विपक्ष को जगह नहीं देना चाहता। उनके मुताबिक, केंद्र में भाजपा द्वारा डिप्टी स्पीकर का पद खाली रखे जाने के बाद अब नेकां भी जम्मू-कश्मीर में उसी राजनीतिक रणनीति को आगे बढ़ा रही है।

सत्ता का बंटवारा नहीं चाहती नेकां, भाजपा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में खाली डिप्टी स्पीकर के पद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी विपक्ष, खासकर भाजपा से डरती है और सत्ता का बंटवारा नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार के अन्य मुद्दों पर जनता को केवल वादे मिले हैं, उसी तरह यह सांविधानिक पद भी खाली पड़ा है।

नेकां ने कहा- मुख्यमंत्री करेंगे फैसला
नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता इमरान नबी डार ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि डिप्टी स्पीकर का पद केवल विपक्ष को ही दिया जाए, ऐसा कोई अनिवार्य नियम नहीं है। उनके अनुसार, पद को भरने और इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री के पास है और वही इस पर अंतिम फैसला करेंगे।
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