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पूर्व फौजी दलवीर के घर खुशी की जगह मातम

Mon, 27 Feb 2017 09:02 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
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पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग दुर्घटना में मारे गए तीन लोगों का घाट में किया गया अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala.
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देहरादून में बेटे का विवाह संपन्न होने के बाद अपने मूल गांव में भोज की तैयारी के लिए जा रहे दलवीर के घर में अब खुशी के बजाय मातम पसरा हैं। शादी के बाद हंसी-खुशी दलवीर अपनी विवाहित पुत्रियों को भी अपने ससुराल छोड़ने जा रहे थे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर थी। पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर कुंडाधार में टैक्सी दुर्घटना में दलवीर, उनकी दोनों बेटियों और एक नातिन की मौत हो गई। जबकि एक दामाद और चार नाती-नातिन अस्पताल में भर्ती हैं।
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पौड़ी जिले के टीला गांव निवासी पूर्व सैनिक दलवीर ने देहरादून के नया गांव में मकान बनाया है। उनका परिवार वहीं रहता है। 17 फरवरी को उनके बेटे दीपक की धूमधाम से शादी हुई। भाई की शादी में शरीक होने दोनों बहिनें हिमा और सीमा भी अपने परिवार सहित आई थी। इसके अलावा उनके गांव से परिजन सरदार सिंह और प्रताप सिंह भी आए थे।  शादी समारोह के बाद परिजनों ने गांव में भी भोज देने का निर्णय लिया। इसकी तैयारियों के लिए दलवीर को गांव आना था।

साथ ही अपनी बेटियों को भी ससुराल विदा करना था, इसलिए वह 26 फरवरी को अपनी दोनों बेटियों व नाती-नातिन को साथ मेें लेकर नया गांव से पहाड़ के लिए रवाना हुए। इसके लिए घर से वाहन बुक किया था, लेकिन गांव पहुंचने से पहले उनकी मौत की खबर गांव तक पहुंच गई। गंाव वालों को सूचना मिली कि देवप्रयाग से करीब 20 किलोमीटर दूर कुंडाधार में टैक्सी खाई में गिरने से दलवीर, हिमा व सीमा, 11 वर्षीय नातिन सुमन और दो अन्य ग्रामीण चल बसे हैं। जिसको भी सूचना मिली, वह कुंडाधार पहुंच गया।
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नया गांव में उनके पड़ोसी रविंद्र रावत और रोहन ने बताया कि इस खबर ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया। कल तक जहां हंसना-गाना हो रहा था, वहां मातम पसरा है। दलवीर के परिजन वीरेंद्र व बेलम सिंह ने बताया कि वह बेसब्री से दलवीर का इंतजार कर रहे थे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

एक दिन पूर्व डिस्चार्ज हुए थे प्रताप
श्रीनगर। दलवीर के परिजन प्रताप और सरदार भी इसी दुर्घटना में मारे गए। शादी के बाद प्रताप की तबियत खराब हो गई थी। 25 फरवरी को ही वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुआ था। दलवीर के गांव जाने की बात सुनकर वह भी देहरादून से वाहन में सवार हो गए थे। सरदार गांव में मजदूरी करता था।

उसके तीन बच्चे हैं। सरदार की मौत से उसके परिवार का समक्ष आजीविका का संकट हो गया है। प्रताप सिंह की पत्नी भी इस हादसे के बाद अकेले छूट गई हैं। उनकी इकलौती बेटी की शादी हो चुकी है।

मृतकों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
श्रीनगर। देवप्रयाग-पौड़ी मोटर मार्ग कुंडाधार टैक्सी हादसे में मारे गए तीन मृतकों दलवीर, प्रताप और सरदार सिंह का श्रीयंत्र टापू के निकट आईटीआई घाट में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया, जबकि दलवीर की एक बेटी सीमा का दाह संस्कार अल्केश्वर घाट पर हुआ। हिमा और उसकी बेटी के शव उनके परिजन अपने गांव के घाट पर ले गए।
यहां बता दें कि 26 फरवरी को देवप्रयाग-पौड़ी मोटर मार्ग पर कुंडाधार में टैक्सी के खाई में लुढ़कने से आठ लोगों (5 पुरुष, 2 महिला व एक बालिका) की मौत हो गई थी।
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वाहन चालक अनूप रेफर
श्रीनगर। कुंडाधार हादसे में घायल चालक अनूप को राजकीय बेस अस्पताल श्रीनगर से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। जबकि पदम सिंह और चार बच्चों का बेस अस्पताल में उपचार चल रहा है। मालूम हो कि छह घायलों को सीएचसी देवप्रयाग से बेस अस्पताल रेफर किया गया था।
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