पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी कारगिल की लड़ाई:
त्वासांग थरचिन ने कुल 21 साल सेना में गुजारे। वे 1996 से 2017 के बीच लद्दाख स्काउट्स के अंग रहे। उन्होंने 1999 में 3 इन्फैंट्री डिवीजन में कार्यरत अपने पिता स्टेंजिन नमग्याल के साथ कारगिल की लड़ाई भी लड़ी और अब रिटायरमेंट के बाद लेह में कपड़े की दुकान चला रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी के साथ ही चार बच्चे हैं जिनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं।
मेरा दोस्त ऐसे मारा जाना डिजर्व नहीं करता था:
मेरा दोस्त बहादुर था। कारगिल की लड़ाई लड़ चुका था। वो ऐसे मारा जाना डिजर्व नहीं करता था...। 90 के दशक में थरचिन के साथ पढ़ने वाले उनके दोस्त ने उनकी मौत पर सवाल उठाए। कहा, उनको छाती में भी गोली लगी हैं जिससे पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठते हैं। उन्होंने थरचिन की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की।
लद्दाख के लोग आरएसएस और भाजपा के हमलों के शिकार : राहुल
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस लद्दाख के लोगों, संस्कृति और परंपराओं पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की वकालत की। सोशल मीडिया पोस्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, लद्दाखियों ने आवाज उठाई। भाजपा ने चार युवकों की हत्या की और सोनम वांगचुक को जेल में डालकर जवाब दिया।
कांग्रेस का वांगचुक से कोई संबंध नहीं; कर्रा
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष तारिक कर्रा ने रविवार को श्रीनगर में कहा कि भाजपा द्वारा किए वादे पूरे नहीं किए जाने और उसके नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पांच साल के विश्वासघात के कारण लद्दाख में आंदोलन हुआ। यह आंदोलन भाजपा द्वारा अपने घोषणापत्र में किए गए झूठे वादों का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में कांग्रेस का वांगचुक से कोई संबंध नहीं है।