प्रदर्शन के दौरान 26 सितंबर को पुलिस की गोलीबारी में चार लोगों की मौत हुई और लगभग 90 लोग घायल हुए। वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप है और उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान के जोधपुर जेल भेजा गया है।
इस बीच जेकेपीसीसी अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह आंदोलन बीते पांच वर्षों की धोखाधड़ी और अधूरे वादों का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग आज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, वही लोग अनुच्छेद 370 की समाप्ति के दौरान केंद्र सरकार के साथ खड़े थे और उसका समर्थन कर रहे थे।
आज लद्दाख की स्थिति बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व का विषय बन गई है। चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।