भरोसे की आड़ में छिपा रहा सफेदपोश आतंकी माॅड्यूल सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने इस माॅड्यूल के पीछे जम्मू-कश्मीर में या सीमा पार पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी सरगनाओं की एक सोची-समझी चाल बताया है। एक अधिकारी ने कहा, किसी के लिए भी यह सोचना अकल्पनीय होगा कि डॉक्टरों का एक समूह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होगा। इसी भरोसे की आड़ में सफेदपोश आतंकी माॅड्यूल अपना चेहरा छिपाए रहा।
दो दशक पहले से अलग है ये आतंकी साजिश
अधिकारियों के अनुसार संगठनों का यह षड्यंत्र दो दशक पहले देश विरोधी गतिविधियों से बिल्कुल अलग है। 2000 की शुरुआत से लेकर 2020 तक आतंकी भर्ती में ऐसे युवाओं को प्राथमिकता दी जाती थी जो पहले से ही किसी न किसी तरह से आतंकवाद से जुड़े होते थे।