कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में आतंकियों का समूह घुसपैठ कर लगभग पांच किलोमीटर भीतर तक दुर्गम रास्तों से होते हुए दाखिल हो गया था। घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर लगाए गए अवरोधक कंटीली तार को काटकर दाखिल हुए आतंकियों के दल को पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन कर कवर फायर दे रहा था।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि आतंकियों को सुरक्षित तरीके से सीमा पार दाखिल कराने के लिए पाकिस्तान की कई चौकियों से एक साथ गोलाबारी की जाने लगी। यह सब भारतीय सुरक्षा बलों का ध्यान भटकाने के लिए किया गया था। इसी बीच आतंकियों का समूह एलओसी पर लगी कंटीली तार काटकर भारतीय सीमा में दाखिल हो गया। यह दल बीएसएफ जवानों की नजरों में आ गया। इस वजह से घुसपैठ नाकाम हो गई। सूत्रों ने बताया कि अभी भी इलाके में कुछ आतंकी छिपे हो सकते हैं। जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद कुछ आतंकी पीओके भाग निकले।
पाकिस्तानी पोस्ट के पास बने हैं लांचिंग पैड
सूत्रों ने दावा किया कि सीमा पार लांचिंग पैड आतंकियों से भरे पड़े हैं। बर्फबारी से रास्ते बंद होने से पहले पाकिस्तान ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को घुसपैठ कराने की फिराक में है, लेकिन एलओसी पर सतर्क जवानों की वजह से यह कोशिशें नाकाम हो रही हैं। पूरे इलाके में बने लांचिंग पैड पर आतंकियों की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। खास यह है कि ये सभी लांचिंग पैड पाकिस्तानी सेना की चौकियों के नजदीक ही बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान सेना की देखरेख में इन्हें घुसपैठ के लिए समय और मौके की पूरी जानकारी दी जाती है।
दूसरी बड़ी घुसपैठ नाकाम
माछिल में इस साल का दूसरा बड़ा घुसपैठ नाकाम करने में सेना सफल रही है। 31 मार्च को कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में सेना ने घुसपैठ को विफल करते हुए पांच आतंकियों को मार गिराया था। मुठभेड़ में सैन्य अफसर समेत पांच जवान शहीद हुए थे।