महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से पूर्व जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शेख गुलाम हसन के जनाजे में भावनाएं व्यक्त करने वाले लोगों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने और 'विच हंट' रोकने की अपील की।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अपील की कि पूर्व जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शेख गुलाम हसन के जनाजे में भावनाएं व्यक्त करने वाले लोगों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को रोका जाए।
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कुलगाम में पत्रकारों से बात करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि लोग शेख गुलाम हसन के निधन पर दुख और भावनाओं में बहकर अपनी बात कह रहे थे। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ बातें सभी को पसंद न आई हों, लेकिन इसे देश-विरोधी नहीं कहा जा सकता। महबूबा मुफ्ती ने टारिगाम (कुलगाम) में शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना भी व्यक्त की।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि केवल भावनाएं व्यक्त करने पर लोगों पर एफआईआर दर्ज करना गलत है और इसे 'विच हंट' यानी बेवजह की कार्रवाई बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इस कार्रवाई को रोकने की अपील की।
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इसके अलावा उन्होंने उस घटना पर भी चिंता जताई जिसमें कथित तौर पर सेना के कुछ जवानों द्वारा एक युवक को उस घर की ओर धकेला गया जहां एक जंगली भालू फंसा हुआ था। इस घटना में वह युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वे सेना का सम्मान करती हैं, लेकिन अगर किसी की लापरवाही से किसी की जान खतरे में पड़ी है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए।