अपनी किताब के साथ कुपवाड़ा की सलिका। संवाद
- फोटो : मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए कतार में लगे मरीज व तीमारदार।
- सलीका की साहस, दृढ़ता और आत्मविश्वास की व्यक्तिगत यात्रा को दर्शाती है ''वेन्स ऑफ था साइलेंट स्ट्रोम''
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। तेहरगाम की युवा और प्रतिभाशाली एथलीट सलीका तारिक ने देश के विभिन्न राज्यों में 60 पदक जीतकर अपने इलाके का नाम रोशन किया है। खेलों में अपनी उपलब्धियों के साथ वह एक लेखक के रूप में भी उभरी हैं। उनकी पहली पुस्तक वेन्स ऑफ था साइलेंट स्ट्रोम प्रकाशित हुई है।
यह पुस्तक सलीका की साहस, दृढ़ता और आत्मविश्वास की व्यक्तिगत यात्रा को दर्शाती है। सलीका ने बताया कि यह किताब उनकी सफलता के पीछे की गुप्त चुनौतियों, त्याग और भावनात्मक संघर्षों को उजागर करती है। यह भी दिखाती है कि कैसे दर्द, धैर्य और अटल विश्वास के माध्यम से ताकत का निर्माण होता है। कहानी में उन स्नेह और समर्थन को भी मान्यता दी गई है जिसने उन्हें कठिन समय में मजबूती बनाए रखने में मदद की।
वेन्स ऑफ था साइलेंट स्ट्रोम एक प्रेरणादायक युवा लड़की की कहानी है जिसने संदेह और चुनौतियों के बावजूद सपना देखना सीखा। यह दिखाती है कि कैसे उसने उठना सीखा जब सब कुछ टूटता हुआ नजर आता था।